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पति की नृशंस हत्या में पत्नी समेत चार दोषियों को उम्रकैद, रिश्तों के विश्वासघात पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी

Four people, including the wife, sentenced to life imprisonment for husband's murder; court makes strong remarks on betrayal of trust in relationships.

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। बिहार के बगहा पुलिस जिले के बथुअरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत विशुनपुरवा गांव में पति की नृशंस हत्या के बहुचर्चित मामले में न्याय का फैसला सामने आया। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने मृतक लोरिक यादव की पत्नी मधु देवी सहित चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही सभी दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में प्रत्येक दोषी को छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

अपर लोक अभियोजक जितेंद्र भारती और मन्नु राव ने अदालत को बताया कि यह मामला विशुनपुरवा गांव निवासी लोरिक यादव की सुनियोजित हत्या से जुड़ा है। अदालत में चली लंबी सुनवाई, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि हत्या की साजिश लोरिक यादव की पत्नी मधु देवी ने अपने प्रेमी कृष्णा साह उर्फ कृष्णा कुमार तथा उसके सहयोगियों छोटा यादव उर्फ छोटेलाल यादव और रंजीत राम उर्फ रंजीत कुमार के साथ मिलकर रची थी।

अभियोजन के अनुसार 17 जून 2022 को साजिश के तहत लोरिक यादव को बहला-फुसलाकर घर से बाहर बुलाया गया और उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव के अंगों को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया। 23 जून 2022 को खेत में मिले कंकाल ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। सिर, धड़, हाथ और पैर अलग-अलग स्थानों पर पाए गए, जिससे हत्या की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

शुरुआत में लोरिक यादव के लापता होने की सूचना पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बाद में कंकाल बरामद होने पर केस को हत्या में तब्दील किया गया। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर चारों आरोपितों की संलिप्तता उजागर की। अदालत ने बचाव पक्ष के तर्कों को अस्वीकार करते हुए अभियोजन के साक्ष्यों को मजबूत और विश्वसनीय माना।

अपने फैसले में अदालत ने इस हत्याकांड को विश्वासघात और रिश्तों की मर्यादा को कुचलने वाला अपराध बताया। न्यायालय ने टिप्पणी की कि पति-पत्नी का संबंध सात जन्मों का बंधन माना जाता है, जिसमें विश्वास और समर्पण सर्वोपरि होता है। अवैध संबंधों के चलते पति की हत्या कर देना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों पर भी गहरा आघात है।

अदालती टिप्पणी में यह भी सामने आया कि मधु देवी का प्रेमी कृष्णा साह लोरिक यादव का करीबी मित्र था, जिसने दोस्ती का खून किया। वहीं छोटा यादव, जो लोरिक का चचेरा भाई था, उसने भाईचारे के रिश्ते को शर्मसार किया।

फैसले के बाद मृतक लोरिक यादव के परिजनों ने संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिला है। वहीं इलाके में इस निर्णय को एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है, जो यह संदेश देता है कि कानून के सामने अपराधी चाहे कितना भी करीबी क्यों न हो, उसे उसके किए की सजा जरूर मिलेगी।

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