घूसखोर DAO की पत्नी के लॉकर में मिला करोड़ों का खजाना, निगरानी ब्यूरो देख रह गया दंग
19 हजार की घूस में पकड़े गए मुजफ्फरपुर के डीएओ सुधीर कुमार, जांच में सामने आई 1.06 करोड़ की संपत्ति

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। मुजफ्फरपुर के जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक (DAO) सुधीर कुमार के नाम पर दर्ज घूसकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आते चले गए। जब निगरानी टीम ने उनकी पत्नी के साथ संयुक्त रूप से संचालित बैंक लॉकर खोला, तो अंदर का नज़ारा देख अधिकारी भी हैरान रह गए।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पटना के इंडियन बैंक, खाजपुरा शाखा में स्थित लॉकर संख्या 537 से 1 करोड़ 6 लाख 60 हजार 97 रुपये मूल्य के हीरे-सोने के आभूषण जब्त किए हैं। यह लॉकर सुधीर कुमार और उनकी पत्नी के नाम पर संचालित था। इस विशेष तलाशी अभियान का नेतृत्व निगरानी के पुलिस उपाधीक्षक मिथिलेश कुमार ने किया।
19 हजार की घूस से खुला करोड़ों का राज
गौरतलब है कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 3 जनवरी को तड़के सुधीर कुमार को 19 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उन्होंने एक तकनीकी प्रबंधक को संविदा पर पुनः योगदान दिलाने के एवज में पहले 1.50 लाख रुपये, फिर 31 हजार रुपये वसूल किए थे। इसके बावजूद अधिकारी की लालच खत्म नहीं हुई और दोबारा पैसे की मांग शुरू कर दी गई, जिसके बाद पीड़ित ने निगरानी ब्यूरो से शिकायत की।
घर की तलाशी में भी मिला था बड़ा सुराग
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने सुधीर कुमार के पटना और मुजफ्फरपुर स्थित आवासों पर छापेमारी की थी। पटना के रूपसपुर इलाके के आनंद विहार कॉलोनी स्थित तीन मंजिला मकान से 14 लाख रुपये नकद, लगभग 250 ग्राम सोना-चांदी के आभूषण, निवेश से जुड़े अहम दस्तावेज और कई बैंक पासबुक बरामद की गई थीं।
इन बरामदगियों के बाद ही जांच के दौरान इंडियन बैंक में मौजूद लॉकर की जानकारी सामने आई, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
भ्रष्टाचार नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद
निगरानी ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई निगरानी थाना कांड संख्या 03/26, दिनांक 02 जनवरी के तहत की जा रही है। अब जांच का दायरा और बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस घूसकांड में अन्य कर्मचारियों या बिचौलियों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
निगरानी सूत्रों के अनुसार जब्त आभूषणों और दस्तावेजों के आधार पर आय से अधिक संपत्ति का आकलन किया जा रहा है और जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क के लिए मुकेश भारतीय की रिपोर्ट










