पटना ( एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। वर्दी में पुलिसकर्मियों द्वारा रील वीडियो बनाने को लेकर चल रही चर्चाओं पर बिहार पुलिस मुख्यालय ने स्थिति साफ कर दी है। मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में कोई नया प्रतिबंधात्मक आदेश जारी नहीं किया गया है, बल्कि पहले से निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और नियमों के अनुपालन पर ही जोर दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, हाल के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी वर्दी में रील्स और वीडियो बनाकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट कर रहे थे। यह प्रवृत्ति पुलिस अनुशासन और वर्दी की गरिमा के अनुकूल नहीं मानी गई। इसी को देखते हुए बीते 20 अप्रैल को राज्य पुलिस बल द्वारा सोशल मीडिया उपयोग से संबंधित SOP के पालन के निर्देश दिए गए थे।
मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार पुलिस हस्तक नियमों में पहले से ही वर्दी, व्यक्तित्व और आचरण से जुड़े विस्तृत प्रावधान मौजूद हैं, जिनका पालन अनिवार्य है। इन नियमों के तहत वर्दी के साथ किसी भी प्रकार के अनधिकृत आभूषण या प्रतीक चिह्न धारण करने की अनुमति नहीं है। हाथ घड़ी के अलावा अन्य छोटे आभूषण भी इस तरह पहने जाने चाहिए कि वे वर्दी के बाहर दिखाई न दें।
इसके अलावा, पुलिस कर्मियों को बाल छोटे रखने, दाढ़ी नियमित रूप से बनाने और किसी भी प्रकार के जाति-चिह्न या चेहरे पर लेप आदि न लगाने के निर्देश हैं। सार्वजनिक स्थानों पर वर्दी में रहते हुए धूम्रपान या पान-गुटखा सेवन भी प्रतिबंधित है।
नियमों के अनुसार, ड्यूटी के दौरान सभी कर्मियों को वर्दी में रहना अनिवार्य है, हालांकि विशेष परिस्थितियों में वरीय अधिकारी छूट दे सकते हैं। वहीं, अपराध अन्वेषण विभाग और आसूचना शाखा से जुड़े कर्मियों को बिना विशेष अनुमति के वर्दी पहनने की अनुमति नहीं है।
पुलिस मुख्यालय ने दोहराया कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच पुलिसकर्मियों को अपने आचरण में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि विभाग की छवि और अनुशासन कायम रह सके।













