किशनगंज SDPO के 6 ठिकानों पर बड़ी छापेमारी, संपति देख EOU रह गया दंग!
बिहार आर्थिक अपराध इकाई ने किशनगंज के SDPO गौतम कुमार के पटना और पूर्णिया स्थित छह ठिकानों पर छापेमारी की। 25 से अधिक भूखंड, करोड़ों का निवेश, महंगी गाड़ियां और बेनामी संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए।

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई में बिहार आर्थिक अपराध इकाई ने किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार के पटना और पूर्णिया समेत छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर करोड़ों की संदिग्ध संपत्ति का खुलासा किया है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति मामले (कांड संख्या 03/26) में की गई है, जिसमें अधिकारी के साथ उनकी पत्नी, सास और एक करीबी महिला मित्र को भी आरोपी बनाया गया है।
छापेमारी में क्या-क्या मिलाः ईओयू की टीम ने पटना, पूर्णिया और किशनगंज में एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान जो संपत्ति सामने आई, उसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया।
तलाशी में सामने आया कि पूर्णिया में 3600 वर्गफीट में बना चार मंजिला मकान मिला, जिसकी अनुमानित लागत करीब ढाई करोड़ रुपये है। 25 से अधिक भू-खण्डों के दस्तावेज बरामद हुए, जिनमें अधिकांश जमीन अलग-अलग लोगों के नाम पर खरीदी गई बताई जा रही है।
बीमा कंपनियों, एसबीआई लाइफ, एनपीएस और अन्य संस्थानों में करोड़ों रुपये के निवेश के दस्तावेज मिले हैं। महंगी घड़ियां, लग्जरी कारें (क्रेटा और थार), 1.37 लाख रुपये नकद और पटना में नर्सिंग होम खोलने का नक्शा भी बरामद हुआ है। जांच अधिकारियों के अनुसार संपत्ति का बड़ा हिस्सा बेनामी तरीके से बनाया गया है।
परिवार और करीबी महिला मित्र भी जांच के घेरे में: इस मामले में गौतम कुमार की पत्नी रुबी कश्यप, सास पूनम देवी और उनकी करीबी मानी जा रही शगुफ्ता शमीम को भी आरोपी बनाया गया है।
शगुफ्ता शमीम के घर से 60 लाख रुपये के स्वर्ण आभूषण और सात भू-खण्डों के दस्तावेज मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि इन जमीनों की रसीदों में खरीदार के रूप में गौतम कुमार का ही नाम दर्ज है। बैंक खातों में कैश जमा करने और ऑनलाइन ट्रांसफर के भी प्रमाण मिले हैं।
2004 में पुलिस सेवा, 2019 में बने डीएसपीः गौतम कुमार 2004 में बिहार पुलिस सेवा में आए थे और 2019 में डीएसपी बने। उनकी तैनाती अररिया, बगहा, पूर्णिया और किशनगंज में रह चुकी है। जांच एजेंसी के अनुसार, उन्होंने ज्ञात आय से 60.27 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है।
कोयला, शराब और लॉटरी माफिया से संबंधः जांच में यह भी सामने आया है कि एसडीपीओ के स्थानीय कोयला, शराब और लॉटरी माफियाओं के साथ संबंध थे। आरोप है कि वह संदिग्ध लोगों से फर्जी सिम कार्ड के जरिए संपर्क में रहते थे। यही नहीं, सिलिगुड़ी में चाय बागान में निवेश और नोएडा तथा गुड़गांव में जमीन और मकान की जानकारी भी मिली है।
नर्सिंग होम खोलने की तैयारी, करोड़ों का निवेशः पटना में एक नर्सिंग होम खोलने का नक्शा मिलने के बाद जांच एजेंसियों को संदेह है कि अवैध कमाई को सफेद करने के लिए मेडिकल सेक्टर में निवेश की योजना बनाई जा रही थी। पूर्णिया स्थित मकान में एक करोड़ रुपये से अधिक का निर्माण सामग्री इस्तेमाल होने का अनुमान लगाया गया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेशः इस कार्रवाई को बिहार में पुलिस विभाग के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। जिस स्तर के अधिकारी के खिलाफ इतनी बड़ी संपत्ति मिलने की बात सामने आई है, उससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसी के अनुसार तलाशी की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही और आने वाले दिनों में और भी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है।









