
पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। बिहार के रेल नक्शे पर अब इतिहास रचने जा रहा है। राज्य को पहली बार बुलेट ट्रेन की सौगात मिलने जा रही है, जो वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक दौड़ेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 704 किलोमीटर लंबा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिस पर बुलेट ट्रेन 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।
इस हाई स्पीड ट्रेन के शुरू होने के बाद जहां आज वाराणसी से सिलीगुड़ी की यात्रा में 14 से 18 घंटे लगते हैं, वहीं बुलेट ट्रेन से यही सफर महज 2 घंटे 55 मिनट में पूरा होगा। खास बात यह है कि वाराणसी से पटना की दूरी लगभग 50 मिनट और पटना से सिलीगुड़ी की दूरी करीब 2 घंटे 5 मिनट में तय की जा सकेगी।
तीन राज्यों को जोड़ेगी बुलेट ट्रेन
यह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल तीनों राज्यों को एक आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ेगा। बिहार में इस बुलेट ट्रेन के स्टॉपेज पटना और कटिहार में प्रस्तावित हैं, जिससे सीमांचल और राजधानी क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।
रेल मंत्री का बड़ा बयान
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के बाद आयोजित वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना की जानकारी दी। इसी क्रम में दानापुर मंडल के डीआरएम कार्यालय में भी प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ, जिसमें डीआरएम विनोद कुमार, सीनियर डीसीएम अभिनव सिद्धार्थ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रेल मंत्री ने कहा कि यह परियोजना बिहार के लिए गेम चेंजर साबित होगी। इससे न केवल राज्य की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
रेलवे को रिकॉर्ड बजट, बिहार को 10,379 करोड़
रेल मंत्री ने बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में रेलवे के लिए रिकॉर्ड 2.78 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें से बिहार को 10,379 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी मिली है।
डीआरएम विनोद कुमार ने जानकारी दी कि फिलहाल बिहार में 1 लाख 9 हजार 158 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
देशभर में सात नए हाई स्पीड कॉरिडोर
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में देशभर में सात नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी। इनमें वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड कॉरिडोर भी शामिल है। रेल मंत्री के अनुसार, इन सभी कॉरिडोरों पर करीब 16 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जो देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा।
बिहार में रेलवे का अभूतपूर्व विकास
रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 से अब तक बिहार में करीब 2000 किलोमीटर नई रेललाइन बिछाई जा चुकी है, जो लगभग मलेशिया के कुल रेल नेटवर्क के बराबर है।
इसके साथ ही 3330 किलोमीटर ट्रैक का विद्युतीकरण किया गया है और अब बिहार में रेलवे का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। राज्य में 568 फ्लाइओवर और अंडरपास का निर्माण भी सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क के लिए मुकेश भारतीय की रिपोर्ट










