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सोशल मीडिया बैन को लेकर हिंसा, अबतक 24 लोगों की मौत, सैकड़ों जख्मी

काठमांडू, 09 सितंबर 2025 (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)। नेपाल में सरकार द्वारा 26 सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में युवाओं का प्रदर्शन हिंसक हो गया है। ‘जेन जी’ के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने काठमांडू में संसद भवन परिसर में प्रवेश कर जमकर तोड़फोड़ की।

प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थरबाजी की और लाठी-डंडों से हमले किए। स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी, जिसमें कम से कम दो दर्जन लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों प्रदर्शनकारी व सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। हालांकि नेपाल पुलिस ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

‘हामी नेपाल’ संगठन द्वारा आयोजित इस रैली में स्कूली छात्रों सहित हजारों युवा शामिल हुए थे। रैली के लिए जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति ली गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों के हिंसक रुख के कारण स्थिति अनियंत्रित हो गई। काठमांडू में सेना को तैनात करना पड़ा और बुटवल, भैरहवा और पोखरा जैसे शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया।

नेपाल की लगभग 3 करोड़ की आबादी में से 1.5 करोड़ से अधिक लोग फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करते हैं। खासकर युवा पीढ़ी के लिए ये मंच न केवल अभिव्यक्ति का माध्यम हैं, बल्कि खबरों को साझा करने और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा का जरिया भी हैं।

नेपाल सरकार ने 2023 में ‘सोशल मीडिया उपयोग नियमन निर्देशिका 2080’ जारी की थी, जिसमें सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को नेपाल में रजिस्टर करना अनिवार्य किया गया। सरकार का दावा है कि ये मंच झूठी खबरें फैलाने, सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने और साइबर अपराध को बढ़ावा देने का कारण बन रहे हैं।

कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद मेटा और गूगल जैसी बड़ी कंपनियों ने नियमों का पालन नहीं किया। इसके बाद 28 अगस्त 2025 को सरकार ने सात दिन की अंतिम समय सीमा दी, जो 4 सितंबर को समाप्त हो गई। जब कंपनियां नहीं मानीं तो नेपाल टेलीकॉम अथॉरिटी ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को इन प्लेटफार्मों को ब्लॉक करने का आदेश दे दिया।

प्रतिबंध के खिलाफ कई मानवाधिकार संगठनों और पत्रकारों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन करार दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रतिबंध उनकी स्वतंत्रता छीनने के समान है। ‘हामी नेपाल’ के एक प्रवक्ता ने कहा कि सोशल मीडिया हमारी आवाज है। इसे बंद करना हमारी अभिव्यक्ति को दबाने की साजिश है।

दूसरी ओर सरकार ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रतिबंध का मकसद सोशल मीडिया को विनियमित करना है, न कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को खत्म करना। सरकार ने यह भी दावा किया कि अनियंत्रित सोशल मीडिया से सामाजिक अशांति और गलत सूचनाओं का खतरा बढ़ रहा था।

नेपाल में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए भारत ने अपनी सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। भारत-नेपाल सीमा पर हर आने-जाने वाले की सघन तलाशी ली जा रही है। नेपाल सरकार ने भी भारतीय सीमा से सटे कई क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू कर दिया है, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।

बहरहाल, यह घटना नेपाल में सोशल मीडिया के महत्व और इसके नियमन को लेकर एक गहरे सामाजिक और राजनीतिक बहस को जन्म दे रही है। एक तरफ सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता के लिए जरूरी बता रही है।

वहीं युवा और मानवाधिकार संगठन इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला मान रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार और प्रदर्शनकारी किसी समाधान पर पहुंच पाते हैं या यह टकराव और गहराता है।

Expert Media News / Mukesh bhartiy

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले 35 वर्षों से एक समर्पित समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रुप में सक्रीय हैं, जिन्हें समसामयिक राजनीतिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय खबरों पर गहरी समझ और विश्लेषण देने का अनुभव है। वे Expert Media News टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो एक डिजिटल समाचार प्लेटफ़ॉर्म जो ताज़ा घटनाओं, विश्वसनीय रिपोर्टिंग और प्रासंगिक दृष्टिकोण को पाठकों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखता है। Expert Media News न केवल ताज़ा खबरें साझा करता है, बल्कि उन विश्लेषणों को भी प्रकाशित करता है जो आज की बदलती दुनिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं। वे मानते हैं कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

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