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बिहार विधान परिषद के 60 में से 38 सदस्यों पर दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)। बिहार विधान परिषद के सदस्यों पर आपराधिक मामलों के आंकड़ों का खुलासा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने किया है।

एडीआर के मुताबिक बिहार विधान परिषद के 63 प्रतिशत सदस्यों पर संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। करोड़पति के मामले में भी राज्य अव्वल है।

परिषद के दो एमएलसी पर मर्डर का केस और नौ सदस्यों पर हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। बिहार विधान परिषद के सदस्यों पर आपराधिक मामले के आंकड़ों को देखा जाए तो कोई पार्टी किसी के कम नहीं है।

चाहे वह भाजपा हो, जदयू हो या राजद। सभी पार्टी के कुल सदस्यों की संख्या का आधा या उससे अधिक सदस्यों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

बिहार विधान परिषद में वर्तमान में 60 सदस्य हैं। इसमें आधे से अधिक यानी 38 सदस्यों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार इसमें से 20 सदस्यों पर गंभीर अपराध का मामला दर्ज है।

नौ ऐसे सदस्य हैं, जिन पर हत्या के प्रयास के आरोप है। दो सदस्यों के विरुद्ध हत्या जैसे मामले चल रहे हैं। दो के खिलाफ महिला अत्याचार के आरोप हैं।

भाजपा के 16 में से 11 सदस्यों पर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। राजद के 14 में से 10 विधायकों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। जदयू के 17 में से 8 एमएलसी पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

ऐसे में यदि इन सदस्यों के केस आगे बढ़ते है तो वर्तमान में राजद के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की तरह इन सब की कुर्सी जा सकती है और यदि ऐसा हुआ तो विधान परिषद में सदस्यों की संख्या बहुत कम हो जायेगी।

Expert Media News

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, प्रशासन, सरकार को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर लेखन-संपादन करते आ रहे हैं।
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