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विजिलेंस ने महिला दारोगा को सहयोगी समेत रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। बिहार के बेतिया जिले में विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नरकटियागंज के शिकारपुर थाने में तैनात महिला दारोगा प्रीति कुमारी और उनके सहयोगी अर्जुन सोनी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

Vigilance caught a woman inspector and her colleague red handed while taking bribe 2
Vigilance caught a woman inspector and her colleague red handed while taking bribe

यह कार्रवाई शिकारपुर थाना क्षेत्र के मलदहिया निवासी फिरोज कौशर की शिकायत पर की गई, जिन्होंने विजिलेंस को सूचना दी थी कि एक मुकदमे में लाभ पहुंचाने के लिए उनसे रिश्वत मांगी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, महिला दारोगा प्रीति कुमारी ने एक केस में मदद करने के लिए फिरोज कौशर से 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। लंबी बातचीत के बाद यह रकम 12,000 रुपये में तय हुई। फिरोज ने इसकी सूचना तुरंत विजिलेंस विभाग को दी, जिसके बाद विजिलेंस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू की।

विजिलेंस की टीम ने पूरी रणनीति के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। ट्रैप मनी की व्यवस्था की गई और जैसे ही रिश्वत की रकम प्रीति कुमारी और उनके सहयोगी अर्जुन सोनी के हाथों में पहुंची, विजिलेंस ने तत्काल दबिश देकर दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई महिला दारोगा के आवास पर की गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

शिकारपुर थाना क्षेत्र के मलदहिया निवासी फिरोज कौशर ने बताया कि उनके खिलाफ चल रहे एक मुकदमे में मदद के नाम पर उनसे रिश्वत की मांग की जा रही थी। फिरोज ने बिना देर किए विजिलेंस विभाग से संपर्क किया और पूरी जानकारी साझा की। उनकी शिकायत के आधार पर विजिलेंस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस ऑपरेशन को सफल बनाया।

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और विजिलेंस की टीम उनसे गहन पूछताछ कर रही है। इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है, क्योंकि विजिलेंस यह जांच कर रही है कि क्या यह रिश्वतखोरी का पहला मामला था या पहले भी इस तरह की गतिविधियां चल रही थीं।

बिहार में विजिलेंस विभाग लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर हों। इस कार्रवाई से न केवल पुलिस विभाग में हड़कंप मचा है, बल्कि आम जनता में भी यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने से सख्त कार्रवाई संभव है।

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