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रांची DCLR के आदेश के 3 माह बाद नोटिस, सुनवाई के दिन CO नदारत

Fresh controversy after allegations that 25 decimals of land appeared as 37 decimals in official records

रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। झारखंड की राजधानी रांची के कांके अंचल क्षेत्र में एक जमीन विवाद मामले ने अब प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अपील वाद संख्या 396/2025-26 से जुड़े इस मामले में पहले भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) द्वारा पारित आदेश के बाद अंचल कार्यालय ने नया नोटिस जारी किया, लेकिन निर्धारित सुनवाई के दिन अंचल अधिकारी कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले।

मामला मौजा नेवरी, थाना संख्या-45, खाता संख्या-17, प्लॉट संख्या-1335 से जुड़ा हुआ है। दस्तावेजों के अनुसार इस प्लॉट का कुल रकबा खतियान में 25 डिसमिल दर्ज है। आवेदक पक्ष का दावा है कि वर्ष 2010 में उक्त प्लॉट की खरीद के बाद जमाबंदी कायम की गई थी और लगातार लगान रसीद भी कटती रही है।

विवाद तब शुरू हुआ जब वर्ष 2021-22 में इसी प्लॉट में 12 डिसमिल की अतिरिक्त जमाबंदी दर्ज हो गई, जिसके बाद सरकारी रिकॉर्ड में प्लॉट का कुल रकबा 37 डिसमिल दिखने लगा। इसी विसंगति को लेकर मामला अपील में गया और बाद में DCLR ने आदेश देते हुए पुनः जांच और अभिलेखों के मिलान का निर्देश दिया।

इसी आदेश के अनुपालन में अंचल कार्यालय द्वारा 6 मार्च 2026 को नोटिस जारी कर 20 मार्च को सुनवाई की तिथि तय की गई थी। आवेदक पक्ष का कहना है कि वह निर्धारित तिथि पर अंचल कार्यालय पहुँचा, लेकिन न तो उसकी उपस्थिति दर्ज की गई और न ही लिखित आवेदन रिसीव किया गया।

मामले की जानकारी जिला प्रशासन और एंटी करप्शन ब्यूरो को भी ई-मेल के माध्यम से भेजे जाने की पुष्टि की गई है। अब यह मामला सिर्फ जमीन विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया के पालन को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खतियान में प्लॉट का मूल रकबा 25 डिसमिल ही है तो 37 डिसमिल की जमाबंदी का मामला केवल अभिलेखीय जांच से स्पष्ट हो सकता है। अब नजर अगली सुनवाई पर टिकी है, जहाँ यह तय होगा कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज विसंगति को कैसे सुधारा जाता है। स्रोतः उपलब्ध दस्तावेज/ एक्सपर्ट मीडिया न्यूज

मुकेश भारतीय

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, प्रशासन, सरकार को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर लेखन-संपादन करते आ रहे हैं।

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