पटना नीट छात्रा कांड में CBI की इंट्री, पवन श्रीवास्तव ने संभाली कमान
चित्रगुप्त नगर छात्रावास में रहस्यमय हालात में हुई थी छात्रा की मौत, परिजनों के आरोपों के बाद सीबीआई ने दर्ज किया केस

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित छात्रावास में नीट छात्रा की रहस्यमय मौत के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है।
सीबीआई पटना शाखा में दर्ज इस मामले की जांच का जिम्मा एजेंसी के एएसपी पवन कुमार श्रीवास्तव को सौंपा गया है। फिलहाल किसी भी व्यक्ति को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी।
पिता के आवेदन पर दर्ज हुआ मामलाः सीबीआई ने 9 जनवरी को छात्रा के पिता द्वारा चित्रगुप्त नगर थाने में दिए गए आवेदन के आधार पर केस को पुनः दर्ज किया है। इसमें भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं, जिनमें गलत तरीके से रोकने, जानबूझकर चोट पहुंचाने, महिला का शील भंग करने, हत्या के प्रयास और समान आशय (कॉमन इंटेंशन) की धाराएं शामिल हैं।
इससे स्पष्ट है कि एजेंसी मामले को केवल संदिग्ध मौत के रूप में नहीं, बल्कि संभावित आपराधिक षड्यंत्र और उत्पीड़न के एंगल से भी देख रही है।
छह जनवरी को छात्रावास में मिली थी बेहोशः जहानाबाद की रहने वाली छात्रा 6 जनवरी को छात्रावास के कमरे में बेहोशी की हालत में पाई गई थी। उसे तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह कोमा में चली गई। पांच दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद पटना पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था, लेकिन जांच किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी। परिजनों ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और यौन उत्पीड़न की आशंका जताई। बढ़ते दबाव और परिजनों की असंतुष्टि को देखते हुए बिहार सरकार ने 31 जनवरी को मामला सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया।
विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट को दी गई सूचनाः सीबीआई ने केस दर्ज करने के बाद इसकी सूचना विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट, सीबीआई पटना को भेज दी है। साथ ही बिहार के पुलिस महानिदेशक और पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी औपचारिक जानकारी दी गई है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीबीआई की जांच में कौन-कौन से चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं और क्या इस मामले में किसी प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता उजागर होती है।
परिजनों को उम्मीद है कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से सच सामने आएगा और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। फिलहाल यह मामला पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है।
समाचार स्रोतः मुकेश भारतीय / मीडिया रिपोर्टस्





