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    Sunday, July 21, 2024
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      नीतीश के आगे झुके लालू, बाहर से भी समर्थन देने को हैं तैयार !

      एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क। बिहार की राजनीति में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और राज्य में असेंबली भंग हो जाने की चर्चा हो रही है। कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने की मोदी सरकार की घोषणा से जेडीयू-आरजेडी में शुरू हुई यह खटपट अब सरकार गिरने की नौबत तक पहुंच गई है। नीतीश के फिर से बीजेपी खेमे में जाने से घबराए लालू यादव सरकार बनाए रखने के लिए तेजी से सक्रिय हो गए हैं।

      लालू यादव ने नीतीश कुमार से फ़ोन पर बात करके उन्हें मनाने की कोशिश की। साथ ही कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार को बचाए रखने के लिए आरजेडी कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

      क्यों घबरा गए लालू यादव? सूत्रों के मुताबिक़ गढ़बंधन को बनाए रखने के लिए लालू यादव ने यह भी आश्वासन दिया है कि वह सरकार से बाहर रहकर भी समर्थन दे सकती है। असल में आरजेडी को पता है कि आज के माहौल में सिर्फ़ मुस्लिम- यादव समीकरण से चुनाव जीतना नामुमकिन है।

      नीतीश के साथ रहने पर आरजेडी को अति पिछड़ा वोट और महिला वोट मिल सकता है। ऐसे में वोटों के इसी गुना भाग को समझते हुए ही लालू की बेटी से ट्वीट डिलीट करवाया गया है। आरजेडी सूत्रों का दावा है कि बिहार सरकार को फ़िलहाल कोई ख़तरा नहीं है।

      गठबंधन पर सीएम नीतीश जल्द लेंगे फैसलाः सूत्रों के मुताबिक सीएम नीतीश कुमार जल्द ही आरजेडी से गठबंधन पर अंतिम फैसला लेंगे। वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके साथ ही असेंबली भंग करने की सिफारिश भी कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो बिहार विधान सभा के चुनाव लोकसभा के साथ ही हो सकते हैं।

      फिलहाल लालू यादव के आवास और सीएम आवास पर नीतीश कुमार अलग- अलग बैठक कर रहे हैं। सीएम आवास की बैठक में जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष ललन सिंह और मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद हैं। वहीं लालू यादव अपने करीबियों के साथ बैठक कर रहे हैं।

      क्या फिर से बीजेपी से हाथ मिलाएंगे नीतीशः चर्चा चल रही है कि आरजेडी से अलग होकर नीतीश कुमार फिर से बीजेपी से हाथ मिला सकते हैं। ऐसा होने पर बीजेपी इस बार अपना सीएम बनाने पर जोर देगी। वहीं नीतीश कुमार को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है। इसकी वजह ये है कि नीतीश कुमार को सीएम बनाए रखने पर बीजेपी को अपने और राममय कार्यकर्ताओं की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।

      बीजेपी को भी भुगतना पड़ा था खामियाजाः वर्ष 2020 में हुए असेंबली चुनाव में भी लोगों का गुस्सा नीतीश कुमार के खिलाफ था लेकिन उसका खामियाजा बीजेपी को भी झेलना पड़ा था। जबकि आरजेडी को उसका फ़ायदा मिल गया था और उसने ऊंची जातियों के भी वोट हासिल किए थे। बीजेपी चाहेगी कि लोक सभा के साथ विधानसभा का चुनाव हो जाए, जिससे मोदी और राम नाम से दोनों का बेड़ा पार हो जाए।

      नीतीश कुमार को सता रहा ये डरः राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक वहीं नीतीश कुमार को डर है कि आरजेडी उसके 12 विधायक तोड़कर सरकार बना लेगी। फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष आरजेडी से हैं। ऐसे में नीतीश के विधायक तोड़ने पर बिहार में आरजेडी की सरकार बन जाएगी। जिसके चलते नीतीश को अपने विधायक और सरकार दोनों गंवाने पड़ सकते हैं। इससे बेहतर है कि बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया जाए, पर ये बीजेपी की शर्तों पर और नीतीश का सम्मान बरकरार रखते हुए ही संभव हो पाएगा।

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