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    Saturday, April 13, 2024
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      तीन दिवसीय रालोजद शिविर का उदघाटन, बोले उपेंद्र कुशवाहा- जब जब नीतीश कमजोर हुए हम आए याद

      राजगीर (नीरज)। अंतर्राष्ट्रीय कंवेंशन सेंटर के मुख्य सभागार में राष्ट्रीय लोक जनता दल पार्टी का त्रिदिवसीय शिविर का आयोजन शुक्रवार से शुभारंभ हुआ। जिसका उदघाटन रालोजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा, प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता रामपुकार सिन्हा एवं वरिष्ठ नेता इंजीनियर शंभूनाथ सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर संयुक्त रूप से किया।

      Upendra Kushwaha 11राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि हम उसूलों की राजनीति और विरासत बचाने की मशक्कत करते हैं। उसूलों पर आंच आई। तो उसे बचाने के लिए टकराना ज़रूरी था। हम जिंदा हैं, तो आगे भी जिन्दा हैं यह दिखाना जरूरी था।

      उन्होंने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, बड़े भाई की पार्टी जब जब हुई कमजोर। तो संजीवनी बुटी की तरह उन्हें हम याद आए। हमने जदयू में रहते हुए विरासत बचाने का काम किया। तो लोग परेशान होने लगे।‌ बड़े भाई (नीतिश कुमार) ने हमारे बारे में कहा था। कि जब मन करता है आ जाते हैं। और जब मन करे तो चले जाते हैं। हमारी आलोचना करने से पहले क्या बड़े भाई भी जरा सोच लें कि समता पार्टी से जनता पार्टी फिर जनता दल यूनाइटेड की पार्टी बनाए।

      उन्होंने कहा कि हमने जदयू पार्टी के साथ वर्षों वर्ष का जो भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष किया था। तो फिर राजद के साथ क्यों?

      उन्होंने एनडीए से महागठबंधन फिर महागठबंधन से एनडीए में आना किस तरह की राजनीति है। यह उनकी राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि है। जो केवल कुर्सी के लिए था। बड़े भाई, हमारे और आपके बदलाव में जमीन आसमान का अंतर है। आपने बदलाव किस दिशा में की। आम जनता के लिए या अपनी कुर्सी के लिए। हमेशा सत्ता की ओर जाने का उनका बदलाव रहा है। सत्ता में बनने की अगर लालसा रहती। तो सत्ता से संघर्ष की ओर मेरी भावनाएं थी। अगर कुर्सी की लालच होती तो मैं ( उपेंद्र कुशवाहा) सत्ता से संघर्ष की ओर बढ़े।

      जब भी मेरे कदम बढ़े तो सड़क से सदन की ओर नहीं। बल्कि सदन से सड़क की ओर बढ़े हैं। सत्ता सुख में रहने की इच्छा होती। तो आज हम भी सत्ता में रहते। लेकिन नहीं। हमने अपने उसूल को बनाए रखा।
      जब जब नीतीश कुमार मजबूत हुए हैं। तब तब हम उनसे दूर हुए हैं। और जब जब नीतीश कमजोर हुए वे हमसे नजदीक हुए हैं। नीतीश कुमार जब भी कमजोर पड़े। तो उन्होंने मुझे याद किया। और मैं भी उनके साथ हो लेता था। जिसके कारण मुझे आज आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है।Upendra Kushwaha 1

      उस समय जार्ज फर्नाडीज जी के अगुवाई के दौरान समता पार्टी और जननायक कर्पूरी ठाकुर के विरासत बचाने की नीतियों पर, काम कर रहे नीतीश कुमार का साथ मैंने दिया।

      2005 के पहले जिस ताकत ने बिहार को तोड़ फोड़ कर रख दिया था। उस समय हम सभी ने एक साथ काम किया। लेकिन उस ताकत को वापस नहीं आने देने का फैसला जब जब लिया है मैंने। तब तब हम सदन से सड़क पर आ जाते हैं

      2005 से लेकर 2020 तक नीतिश कुमार ने आम जनता को डराकर कि फिर वो ताकत वापस आ रही है। इसलिए मेरा साथ दीजिए । और आम जनता ने उनका यही सोचकर साथ दिया। कि फिर से‌ लालटेन जलने वाला है। और 2020 के चुनाव के पहले चरण में वोट मिला। मगर दूसरे चरण में आम जनता सचेत रही।

      नीतिश कुमार हमें बताएं कि राजद आज इतना पवित्र हो गया कि उनके साथ समझौता कर लिया। राजद से अलग होने के लिए भ्रष्टाचार तो भाजपा से अलग होने के लिए सांप्रदायिकता का हथियार चलाते हैं। नीतिश कुमार की सरकार में आज अपराध बढ़ा है। अपराध, भ्रष्टाचार की फैक्ट्री चलाने वाले के साथ दे रहे हैं। तो नीतीश कुमार जी बताएं, कि आप जीरो टोलरेंस की बात क्यों करते हैं।

      जदयू के प्रमुख को मुर्दा लोगों की फौज चाहिए। लेकिन उपेंद्र कुशवाहा जिंदा व्यक्तित्व का स्वामी है। और अपनी जिंदादिली से सबको जीतने का माद्दा रखता है। हमने अपने कदम उस समय मोड़ लिया, जब हमें महसूस हुआ कि अब हमें लालटेन जिंदाबाद करना होगा। लेकिन हम नीतिश कुमार जिंदाबाद कह सकते हैं। इसलिए हम आज सदन से सड़क पर आ गए हैं।

      जदयू अब खाली डिब्बा है। जिस बुनियाद पर जदयू टिका था। जिसमें बुनियादी उसूल नहीं रहा। अब जदयू के साथ जनाधार प्रमाणिक तौर पर घटती जा रही है।

      उन्होंने मुजफ्फरपुर में उपचुनाव, मोकामा के उपचुनाव के परिणाम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, अब उनके विपरीत जा रही जनाधार सामने आ रही है। हमने राष्ट्रीय लोक जनता दल का गठन, विरासत बचाओ नमन यात्रा के बाद मिली समर्थन के बाद किया।

      आज आम लोगों की हितों की रक्षा कौन करेगा ‌। इसलिए राष्ट्रीय लोक जनता दल पार्टी का गठन किया है हमने। और इसलिए सभी कार्यकर्ताओं से अपील है कि, तन मन और जन के साथ इसे मजबूती देते हुए उंचाई पर ले जाना है।

      समाज के सभी तबकों का भला तभी होगा। जब गठबंधन के साथ सभी वर्ग के पार्टी शामिल होकर आवाज बुलंद करेंगे। इसीलिए रालोजद पार्टी को अस्तित्व में लाया गया है। इमानदारी के साथ विचारधारा पर चलने वाली पार्टी ही सभी वर्गों का विकास और भला कर सकती है। हमारी पार्टी की मौलिकता और विचारधारा में समाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता का भाव है।

      उन्होंने कहा कि हम जातीय का समर्थन करते हैं। हमारी पार्टी के एजेंडे में वह सब होगा। जो एक आदर्श पार्टी के प्राथमिकता में शामिल होती है। सीएम नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक समुदाय को भरमाकर तो कभी अन्य किसी को भय दिखाकर अपना स्वार्थ सिद्धि किया है। लेकिन हमारी रालोजद पार्टी विचारधारा और सामाजिक न्याय के साथ अलग मुकाम हासिल करेगा।

      इस शिविर में राज्य भर से 4122 चुने हुए प्रतिनिधि भाग लेंगें। मौके पर कौशलेंद्र मिश्रा,मंजय शर्मा, हिमांशु पटेल, सुभाष चन्द्रवंशी, देवेंद्र कुशवाहा, सहित अन्य उपस्थित थे।

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