किसान की सूझबूझ से हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क। बिहार में कैमूर जिले के किसान की संजीदगी से पंडित दीनदयाल और गया रेलखंड के बीच पुसौली रेलवे स्टेशन के पास आज एक बड़ा ट्रेन हादसा होने से बच गई।

खबर है कि हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन अपलाइन में गया की तरफ से पंडित दीनदयाल रेलवे जंक्शन की तरफ जा रही थी। इसी बीच टूटी पटरी को देख एक किसान ने ट्रेन के चालक को लाल गमछा दिखाकर गाड़ी रोकने के लिए इशारा किया। इसके बाद चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी।

कहते हैं कि पुसौली रेलवे स्टेशन से एक किलोमीटर पश्चिम कुदरा थाना क्षेत्र के घटांव गांव के किसान अपने खेतों की तरफ अपलाइन का रेलवे ट्रैक पकड़कर जा रहे कि उनकी नजर रेलवे ट्रैक की टूटी पटरी पर पड़ी। इसी बीच अपलाइन का सिग्नल ग्रीन हो गई और चंद मिनटों में ही अपलाइन से हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस आ गई।

उसे देख किसान प्रेमचंद राम ने अपने पास रखे लाल गमछा को लेकर चालक की तरफ ट्रेन रोकने का ईशारा करने लगे। फिर चालक ने मामले की गंभीरता को समझते हुए गाड़ी की इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी।

जब चालक ने पूछा तो उन्होंने टूटी पटरी दिखाई। फिर स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पीडब्ल्यूआई की टीम ने पहुंचकर पटरी की मरम्मत की।

हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस को 45 मिनट के विलंब से फिर पंडित दीनदयाल जंक्शन के लिए दूसरी लाइन से रवाना किया गया।

वहीं, स्टेशन मास्टर ने किसान की तत्परता देख उसे माला पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर सम्मानित किया और कहा कि एक बड़ा हादसा होने से टल गया है। हावड़ा-बीकानेर को दूसरी लेन से 45 मिनट के बाद रवाना किया गया। क्षतिग्रस्त पटरी को फिलहाल दुरुस्त कर दिया गया है। एक से दो दिनों के अंदर इस क्षेत्र की पूरी पटरी बदल दी जाएगी।

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