
रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। झारखंड की राजनीति में बार-बार करवट बदलने वाले चर्चित नेता दुलाल भुईया ने एक बार फिर बड़ा सियासी कदम उठाया है। झामुमो के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री रहे दुलाल भुईया ने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। राजधानी रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में उनका भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद आदित्य साहू तथा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दुलाल भुईया को पार्टी का पटका पहनाकर और माला अर्पित कर भाजपा परिवार में शामिल होने पर बधाई दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी मौजूद रहे, जिससे समारोह पूरी तरह सियासी शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गया।
लंबा और उतार–चढ़ाव भरा रहा राजनीतिक सफरः दुलाल भुईया का राजनीतिक जीवन लगातार दल-बदल और नए प्रयोगों के लिए जाना जाता रहा है। वह कभी झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे और मंत्री पद तक पहुंचे।
वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले भी उन्होंने भाजपा का दामन थामा था, लेकिन जुगसलाई विधानसभा सीट गठबंधन के तहत आजसू पार्टी को मिलने के बाद उनके सियासी रास्ते बदल गए।
सीट न मिलने से नाराज दुलाल भुईया ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने बसपा की सदस्यता ली और 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने उनकी पत्नी को पलामू संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया।
भाजपा में वापसी के मायनेः राजनीतिक जानकारों के अनुसार दुलाल भुईया की भाजपा में वापसी को आगामी चुनावों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आदिवासी और पिछड़े वर्गों में उनकी पकड़ रही है, जिसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। वहीं विपक्षी दल इस कदम को अवसरवादी राजनीति का उदाहरण बता रहे हैं।
दुलाल भुईया ने इस मौके पर कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं और झारखंड के विकास के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।
कुल मिलाकर राजनीति के इस “बैताल” ने एक बार फिर नई डाल पकड़ ली है। अब देखना यह होगा कि भाजपा की यह नई सियासी जोड़-घटाव झारखंड की राजनीति में कौन-सा नया समीकरण गढ़ती है।
स्रोतः मुकेश भारतीय/मीडिया रिपोर्टस्





