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आदिवासी देश के असली मालिक, वनवासी कहने पर माफी मांगे भाजपा : राहुल गांधी

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे दिन गुरुवार को जनजातीय नायक टंट्या मामा की जन्मस्थली बड़ौदा अहीर में एक सभा को संबोधित किया।

राहुल ने कहा कि आदिवासी इस देश के असली मालिक हैं। भाजपा ने आदिवासियों को वनवासी कहा, इसके पीछे उनकी दूसरी सोच है। इसके लिए भाजपा आदिवासियों से माफी मांगे। यह शब्द आपको जल, जंगल और जमीन के अधिकार से वंचित करने वाला है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकारें आदिवासियों से उनके अधिकार छीनती हैं। उन्होंने कहा कि टंट्या मामा और बिरसा मुंडा को अंग्रेजों ने फांसी दी। कांग्रेस उनके विरुद्ध लड़ी। हमारी सरकार आने पर एक-एक करके सभी अधिकार दिए जाएंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों पर सर्वाधिक अत्याचार मध्य प्रदेश में होता है। हमें ऐसा प्रदेश नहीं चाहिए। हमें आदिवासियों को इज्जत और रक्षा देने वाला प्रदेश चाहिए।

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का मध्य प्रदेश में गुरुवार को दूसरा दिन है। सुबह 6:20 बजे यात्रा खंडवा बोरगांव बुजुर्ग से शुरू हुई। यात्रा में राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा और सचिन पायलट भी शामिल हैं। प्रियंका के बेटे रेहान और पति राबर्ट भी यात्रा में साथ चल रहे हैं।

दुल्हार गुरुद्वारे से यात्रा का दूसरा चरण दोपहर करीब 04 बजे शुरू हुआ। इस दौरान राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ टंट्या मामा की जन्मस्थली बड़ौद अहीर पहुंचे और पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद राहुल ने सभा को संबोधित किया।

राहुल गांधी ने कहा कि हमारे लिए टंट्या मामा एक चिह्न हैं। एक सोच हैं। एक व्यक्ति जरूर थे। एक विचारधारा भी हैं। उनकी सोच और विचारधारा के कारण मैं आज यहां आया हूं। आदिवासी का मतलब जो हिंदुस्तान में सबसे पहले रहते थे। मतलब- जब इस देश में कोई नहीं था, तब भी आप लोग इस देश में रहते थे। अगर आप आदिवासी हो, अगर आप यहां सबसे पहले रहते थे, तो यह हक बनता है कि आप इस देश के मालिक हैं। ये जो शब्द होते हैं, बहुत चीजें छुपा और दिखा भी सकते हैं। टंट्या मामा के बारे में सोचते हैं तो सबसे पहले कौन सा शब्द आता है। आदिवासी, संघर्ष, निडरता, क्रांतिकारी ये शब्द आते हैं। जब वो अंग्रेजों के सामने फांसी पर चढ़ रहे थे, तो आपको क्या लगता है, डर था या नहीं। सवाल ही नहीं उठता।

राहुल गांधी ने कहा कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भाषण सुना था। उसमें उन्होंने एक नया शब्द इस्तेमाल किया था- वनवासी। इस शब्द के पीछे उनकी दूसरी सोच है। आदिवासी के पीछे सोच है कि इस देश के पहले मालिक आप हो। इसका मतलब-आपकी जमीन, जंगल और जल पर आपका हक होना चाहिए। मगर वहां रुकना नहीं है। आप असली मालिक हो तो आपको और आपके बच्चों को अधिकार मिलना चाहिए। अगर आपका बेटी डॉक्टर-इंजीनियर बनना चाहे तो उसकी पूरी मदद मिलनी चाहिए। क्योंकि आप उसके हकदार हो। सबसे पहले आपका काम होना चाहिए। मलतब जंगल तो आपका है, लेकिन जंगल के बाहर भी अधिकार मिलना चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी एक शब्द लाए वनवासी। इसका मलतब यह है आप पहले मालिक नहीं हो, आप सिर्फ जंगल में रहते हो। दूसरा मतलब- जंगल के बाहर आपको कोई अधिकार नहीं मिलना चाहिए। तीसरा मतलब- जो आपको दिख रहा है, भाजपा की सरकारें जंगल काटे जा रही हैं। जब इस देश से जंगल खत्म हो जाएंगे तो आपके लिए जगह नहीं बचेगी। हम हम आदिवासी कहते हैं तो हम आपको मानते हैं आप देश के पहले मालिक हो। वो वनवासी कहते हैं, क्योंकि वो आपके सारे अधिकार को छीनना चाहते हैं।

मंच पर कमलनाथ भी मौजूद रहे। उन्होंने भी सभा को संबोधित किया। कमलनाथ ने कहा कि जब भारत जोड़ो यात्रा का कार्यक्रम बन रहा था, तब राहुल गांधी ने कहा था कि मैं टंट्या मामा की जन्मस्थली पर जरूर जाऊंगा। ये केवल उनकी इच्छी नहीं थी, बल्कि उनका निर्देश था। इससे पहले मध्यप्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे दिन पहले चरण में राहुल गांधी 14 किलोमीटर से ज्यादा चले। राजस्थान के नेता भी राहुल के साथ चल रहे हैं। गुरुवार को यात्रा का आखिरी पड़ाव छैगांव माखन रहेगा। रात्रि विश्राम खरगोन जिले के खेरदा में होगा।

 

Expert Media News / Mukesh bhartiy

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले 35 वर्षों से एक समर्पित समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रुप में सक्रीय हैं, जिन्हें समसामयिक राजनीतिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय खबरों पर गहरी समझ और विश्लेषण देने का अनुभव है। वे Expert Media News टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो एक डिजिटल समाचार प्लेटफ़ॉर्म जो ताज़ा घटनाओं, विश्वसनीय रिपोर्टिंग और प्रासंगिक दृष्टिकोण को पाठकों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखता है। Expert Media News न केवल ताज़ा खबरें साझा करता है, बल्कि उन विश्लेषणों को भी प्रकाशित करता है जो आज की बदलती दुनिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं। वे मानते हैं कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।
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