“अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राजस्व विभाग इस गंभीर आरोपों वाले मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या वाकई दोषियों पर शिकंजा कसता है या नहीं…
रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में दर्ज रांची के कांके अंचल स्थित नेवरी मौजा की जमीन से जुड़े कथित अनियमितता और फर्जी जमाबंदी के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। शिकायत को झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग (RRLRD) को ट्रांसफर कर दिया गया है, जिससे जांच तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
प्रधान संपादक मुकेश कुमार मुकेश भारतीय द्वारा दर्ज इस शिकायत (PMOPG/E/2026/0064661) में आरोप लगाया गया है कि कांके अंचल अंतर्गत नोवरी मौजा अवस्थित एक 25 डिसमिल जमीन में वर्ष 2022 के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में करीब 12 डिसमिल अतिरिक्त जमीन जोड़कर कुल रकबा 37 डिसमिल दर्शा दिया गया।
शिकायतकर्ता का दावा है कि इस मामले की जानकारी पहले ही जिला प्रशासन को दी जा चुकी है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही तत्कालीन और वर्तमान अंचल अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
PMO पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार पहले यह मामला झारखंड के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग को भेजा गया था, लेकिन अब 20 अप्रैल 2026 को इसे राजस्व विभाग के संयुक्त सचिव के पास स्थानांतरित कर दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भूमि से जुड़े मामलों में राजस्व विभाग ही सक्षम प्राधिकरण होता है, ऐसे में इस ट्रांसफर को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस प्रकरण को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है, ताकि राजस्व तंत्र में संभावित भ्रष्टाचार की परतें उजागर हो सकें।

