
पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़)। बिहार के लाखों किसानों अपने बैंक खाते की जांच की तो अचानक दो हजार रुपये की राशि देखकर वे हैरान और खुश दोनों हो गए। दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan 22nd installment) की 22वीं किस्त जारी करते हुए बिहार के 73.34 लाख से अधिक किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये सीधे ट्रांसफर कर दिए।
इस किस्त के तहत बिहार के किसानों के खातों में कुल 1467 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे पहुंची है। प्रधानमंत्री ने असम के गुवाहटी स्थित ज्योति विष्णु इंटरनेशनल आर्ट सेंटर खानापारा से देशभर के किसानों के लिए यह राशि जारी की।
देश के 9.32 करोड़ किसानों को मिला लाभः प्रधानमंत्री द्वारा जारी की गई इस किस्त के तहत देशभर के 9.32 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18,650 करोड़ रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी गई, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
बिहार में इस मौके पर पटना स्थित कृषि भवन सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामकृपाल यादव ने योजना के महत्व और प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।
अब तक बिहार के किसानों को मिल चुके हैं 30 हजार करोड़ से अधिकः सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक बिहार के 86.36 लाख से अधिक किसानों को कुल 30,092.80 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।
अब तक 21 किस्तों के माध्यम से यह राशि किसानों के बैंक खातों में पहुंच चुकी है और 22वीं किस्त के साथ यह सहायता और आगे बढ़ गई है।
क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनाः प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य छोटे और मध्यम किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
इस योजना के तहत पात्र किसान परिवार को 6,000 रुपये सालाना दिए जाते हैं। यह राशि तीन किस्तों में (हर चार महीने पर 2,000 रुपये) भेजी जाती है। पैसा सीधे एनपीसीआई से लिंक बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर होता है। योजना में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों को एक किसान परिवार माना जाता है, बशर्ते उनके पास खेती योग्य जमीन हो।
सिर्फ अन्नदाता ही नहीं, अब ऊर्जादाता भी बन रहे बिहार के किसानः कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बिहार का कृषि क्षेत्र तेजी से बदल रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य का प्रसिद्ध मखाना अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बना रहा है। इसके अलावा बिहार के कई कृषि उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग भी प्राप्त हो चुका है, जिससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि बिहार के किसान अब केवल अन्न उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जैविक संसाधनों से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। कई किसान बायो-इथेनॉल उत्पादन से जुड़कर ऊर्जा क्षेत्र में भी योगदान दे रहे हैं।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदमः विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है। खेती के मौसम में मिलने वाली यह राशि किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और कृषि उपकरणों पर खर्च करने में मदद करती है। समाचार स्रोतः मुकेश भारतीय/एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़









