
रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़)। झारखंड की राजधानी रांची में शहरी आधारभूत संरचना को नई दिशा देने वाली एक महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना अब धरातल पर उतरने जा रही है। पुरानी विधानसभा के पास विवेकानंद स्कूल मोड़ से नयासराय तक बनने वाली राज्य की पहली 10 लेन स्मार्ट सड़क का निर्माण नये वित्तीय वर्ष में शुरू होने की संभावना है। लगभग 204 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना न केवल रांची के ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएगी, बल्कि शहर के भविष्य के विकास का नया मॉडल भी तैयार करेगी।
पथ निर्माण विभाग ने इस परियोजना की जिम्मेदारी स्टेट हाइवे ऑथोरिटी ऑफ झारखंड (SHAJ) को सौंपी है। इसका टेंडर जारी कर दिया गया है। 8 अप्रैल तक टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि रखी गई है, जबकि 9 अप्रैल को टेंडर खोले जाएंगे। विभागीय सूत्रों के अनुसार यदि प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती है, तो अप्रैल-मई तक टेंडर फाइनल कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
8 किलोमीटर से अधिक का आधुनिक कॉरिडोरः इस परियोजना के तहत विवेकानंद स्कूल मोड़ से नयासराय रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) तक 6.089 किलोमीटर लंबी 10 लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके आगे नयासराय से रिंग रोड तक 2.12 किलोमीटर टू-लेन सड़क पेव्ड शोल्डर के साथ बनाई जाएगी।
योजना के अनुसार सड़क का ढांचा इस प्रकार होगा। मुख्य सड़क फोर लेन प्लस फोर लेन यानि कुल 8 लेन होगी। दोनों ओर टू-टू लेन पेव्ड शोल्डर होगी। इस प्रकार कुल 10 लेन का कॉरिडोर बनेगी।
यह झारखंड की पहली ऐसी सड़क होगी, जिसमें मुख्य यातायात लेन के अलावा अलग से शोल्डर लेन भी विकसित की जा रही है। ताकि आपात स्थिति, धीमी गति के वाहन या रखरखाव कार्य के दौरान यातायात प्रभावित न हो।
स्मार्ट रोड कॉन्सेप्ट पर बनेगी सड़कः इस परियोजना को पारंपरिक सड़क निर्माण के बजाय स्मार्ट रोड कॉन्सेप्ट के आधार पर तैयार किया जा रहा है। इसके तहत सड़क को बहु-उपयोगी और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ, साइकिल ट्रैक की अलग व्यवस्था, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग, स्ट्रीट लाइट के लिए सोलर पावर आधारित व्यवस्था, आधुनिक ट्रैफिक साइन और सेफ्टी सिस्टम होंगी।
शहरी योजनाकारों का मानना है कि इस तरह की सुविधाएं रांची को भविष्य में स्मार्ट मोबिलिटी के मॉडल शहरों की श्रेणी में ला सकती हैं।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहतः वर्तमान में विवेकानंद स्कूल मोड़ से नयासराय तक का मार्ग शहर के सबसे व्यस्त और जामग्रस्त मार्गों में से एक है। यह रास्ता शहर के पुराने हिस्से, रिंग रोड और आसपास के कई प्रमुख इलाकों को जोड़ता है। सड़क संकरी होने और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने से यहां अक्सर लंबा जाम लगता है।
नई 10 लेन सड़क बनने के बाद भारी वाहनों और छोटे वाहनों की आवाजाही अलग-अलग हो सकेगी। ट्रैफिक दबाव कम होगा। यात्रा समय घटेगा। आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह कॉरिडोर भविष्य में रांची के अर्बन ट्रैफिक नेटवर्क का मुख्य आधार बन सकता है।
लंबे समय से लंबित थी परियोजनाः इस सड़क परियोजना को शुरू करने की योजना पिछले कई वर्षों से बन रही थी, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया, डिजाइन और बजट स्वीकृति के कारण इसे अमल में आने में समय लगा। अब टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही इसके जल्द जमीन पर उतरने की उम्मीद बढ़ गई है।
शहर के विस्तार की नई धुरी बनेगा कॉरिडोरः शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि यह सड़क केवल ट्रैफिक समाधान नहीं, बल्कि शहर के विस्तार की नई धुरी भी बन सकती है। बड़ी चौड़ी सड़कें आम तौर पर आसपास के क्षेत्रों में नई आवासीय कॉलोनियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और शहरी सुविधाओं के विकास को तेज करती हैं।
इस दृष्टि से देखा जाए तो विवेकानंद स्कूल मोड़ से नयासराय तक बनने वाली यह 10 लेन सड़क रांची के भविष्य के शहरी नक्शे को भी प्रभावित कर सकती है।
आधुनिक रांची की ओर एक कदमः राजधानी रांची तेजी से बढ़ते शहरों में शामिल हो रही है। ऐसे में ट्रैफिक और शहरी ढांचे को आधुनिक बनाना समय की मांग बन चुका है। यदि यह परियोजना निर्धारित समय में पूरी होती है तो यह न केवल झारखंड की पहली 10 लेन सड़क होगी, बल्कि राज्य में आधुनिक सड़क अवसंरचना के लिए एक नया मानक भी स्थापित करेगी। समाचार स्रोतः एक्सपर्ट मीडिया न्यूज/मुेकश भारतीय









