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पार्श्व गायक उदित नारायण पर लगा बड़ा गंदा आरोप, सुपौल से मुंबई तक मचा हड़कंप

पहली पत्नी रंजना नारायण झा ने विवाह के बाद धोखा, बिना सहमति गर्भाशय निकालने और वर्षों तक मानसिक प्रताड़ना का लगाया आरोप

पटना (नालंदा दर्पण न्यूज)। बॉलीवुड और भारतीय संगीत जगत के दिग्गज पार्श्व गायक उदित नारायण झा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई गीत या सम्मान नहीं, बल्कि उनकी निजी ज़िंदगी से जुड़ा एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है।

उनकी पहली पत्नी रंजना नारायण झा ने बिहार के सुपौल महिला थाना में लिखित आवेदन देकर पति, देवर और अन्य पर धोखा, साजिश, चिकित्सकीय अनियमितता और वर्षों तक मानसिक-सामाजिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। यह मामला सिर्फ पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें महिला अधिकार, मेडिकल एथिक्स, सहमति और कानून जैसे अहम सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

1984 की शादी, 1985 की दूरी और एक अधूरी ज़िंदगीः

आवेदन के अनुसार 7 दिसंबर 1984 को रंजना नारायण झा और उदित नारायण झा की शादी हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के महज एक साल बाद यानी 1985 में उदित नारायण अपने गायन करियर को आगे बढ़ाने के लिए मुंबई चले गए।

रंजना का कहना है कि यही से उनके वैवाहिक जीवन में दूरी बढ़ती चली गई। एक तरफ जहां उदित नारायण का करियर आसमान छू रहा था, वहीं दूसरी तरफ रंजना अकेलेपन, उपेक्षा और अनिश्चित भविष्य से जूझती रहीं।

मीडिया से मिला दूसरा विवाह का झटकाः

रंजना के मुताबिक उन्हें यह जानकर गहरा सदमा लगा कि उनके पति ने दीपा नारायण नामक महिला से दूसरा विवाह कर लिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह जानकारी उन्हें पति से नहीं, बल्कि मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए मिली।

जब उन्होंने उदित नारायण से इस बारे में सवाल किया तो आरोप है कि उन्हें सालों तक गुमराह किया गया, कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया और सच्चाई छुपाई जाती रही।

इलाज या साजिश? 1996 का रहस्यमय ऑपरेशनः

मामले का सबसे गंभीर और संवेदनशील आरोप वर्ष 1996 से जुड़ा है। रंजना का दावा है कि उन्हें इलाज के नाम पर दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बिना उनकी जानकारी और सहमति के उनका गर्भाशय निकाल दिया गया।

आरोप के अनुसार उन्हें किसी बड़े ऑपरेशन की जानकारी नहीं दी गई। कोई लिखित सहमति नहीं ली गई। ऑपरेशन के पीछे चिकित्सकीय कारण स्पष्ट नहीं बताए गए।

इस कथित घटना में उदित नारायण झा, उनके भाई संजय कुमार झा (निवासी वीरपुर वार्ड संख्या 04), ललित नारायण झा तथा दीपा नारायण की संलिप्तता का आरोप लगाया गया है।

29 साल बाद खुला राजः

रंजना का कहना है कि इस ऑपरेशन की वास्तविक सच्चाई उन्हें वर्ष 2025 में तब पता चली, जब वे किसी अन्य बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर के पास गईं। मेडिकल जांच के दौरान जब पुराने रिकॉर्ड और शरीर की स्थिति सामने आई, तब उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ क्या किया गया था। उनके अनुसार यह खुलासा उनके लिए मानसिक रूप से बेहद तोड़ने वाला था।

महिला थाना में दर्ज आवेदन, FIR की मांगः

रंजना नारायण झा ने महिला थाना में दिए आवेदन में स्पष्ट रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उनके साथ वैवाहिक धोखा किया गया। स्वास्थ्य और मातृत्व के अधिकार छीने गए। वर्षों तक मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक प्रताड़ना दी गई। परिवार की छवि और प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें दबाया गया। महिला थाना प्रभारी के अनुसार आवेदन प्राप्त कर लिया गया है और मामले की कानूनी जांच प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

पहले भी चले हैं कानूनी मामलेः

यह पहला मौका नहीं है जब रंजना और उदित नारायण आमने-सामने आए हों। पिछले वर्षों में भरण-पोषण (मेंटेनेंस) को लेकर फैमिली कोर्ट में केस, बिहार महिला आयोग में शिकायत, आपसी समझौते की असफल कोशिशें हो चुकी हैं। इन सभी मामलों ने इस विवाद को और गहराया है।

उदित नारायण: सफलता की ऊंचाई और निजी विवादः

उदित नारायण झा भारतीय सिनेमा के सबसे सफल पार्श्व गायकों में गिने जाते हैं। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ भोजपुरी, नेपाली, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ भाषाओं में हजारों गीत गाए। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में पद्म श्री सम्मान, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 90 और 2000 के दशक के सबसे लोकप्रिय गायक, लेकिन उनकी निजी ज़िंदगी हमेशा विवादों से अछूती नहीं रही है।

विशेषज्ञों की राय: आरोप साबित हुए तो गंभीर अपराधः

कानूनी और चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि  बिना सहमति गर्भाशय निकालना गंभीर आपराधिक अपराध है। यह महिला के शारीरिक आत्म-निर्णय के अधिकार का उल्लंघन है। मेडिकल रिकॉर्ड, डॉक्टरों की भूमिका और सहमति पत्र निर्णायक होंगे। मामला साबित होने पर IPC और मेडिकल काउंसिल दोनों स्तर पर कार्रवाई संभव है।

अब आगे क्या?

अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। मेडिकल दस्तावेज़ क्या कहते हैं। उदित नारायण या उनके परिवार की आधिकारिक प्रतिक्रिया क्या होगी। यह मामला आने वाले दिनों में मनोरंजन जगत से लेकर कानूनी गलियारों तक बड़ी चर्चा का विषय बना रहेगा।

कुल मिलाकर यह मामला सिर्फ एक गायक और उनकी पत्नी के बीच का विवाद नहीं है, बल्कि यह महिला सम्मान, स्वास्थ्य अधिकार और न्याय से जुड़ा एक गंभीर सवाल है। जांच के नतीजे ही तय करेंगे कि सच्चाई क्या है, लेकिन फिलहाल यह मामला पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच चुका है।

समाचार स्रोतः एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क के लिए मुकेश भारतीय / मीडिया रिपोर्टस्

मुकेश भारतीय

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, प्रशासन, सरकार को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर लेखन-संपादन करते आ रहे हैं।

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