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तारापुर विधानसभा: जदयू की गढ़ में सम्राट चौधरी को परिवारवाद बचाने की कड़ी चुनौती

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की हॉट सीटों में शुमार मुंगेर जिले की तारापुर विधानसभा क्षेत्र इस बार परिवारवाद, गठबंधन की बलि और नई राजनीतिक ताकतों के उदय का गवाह बनने जा रही है। भाजपा कोटे से बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी यहां से चुनाव मैदान में उतर रहे हैं, जहां उनके पिता शकुनी चौधरी ने लंबे समय तक प्रतिनिधित्व किया था।

लेकिन पिछले तीन दशकों से यह सीट जनता दल यूनाइटेड (जदयू ) के कब्जे में रही है। इस बार जदयू  ने अपनी सीटिंग सीट भाजपा को सौंपकर गठबंधन धर्म निभाया है, जिससे सम्राट की राह आसान तो हुई, लेकिन मुकाबला बेहद रोचक हो गया है।

तारापुर सीट का राजनीतिक इतिहास परिवार की विरासत और जातीय समीकरणों से बुना हुआ है। सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी ने 1985 से 2005 तक लगातार पांच बार (1985, 1990, 1995, 2000 और फरवरी 2005) इस सीट से जीत हासिल की।

इसके बाद अक्टूबर 2005 में भी वे विजयी रहे। कुल मिलाकर शकुनी चौधरी ने 23 वर्षों तक तारापुर का प्रतिनिधित्व किया। उनके बाद सम्राट की मां पार्वती देवी ने भी करीब 3 साल तक यहां से विधायक की भूमिका निभाई।

अब परिवार की इस विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सम्राट चौधरी पर है, जो खुद 15 साल बाद विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी पिछली सीट परबत्ता रही है, जहां से वे 2000 और 2010 में राजद के टिकट पर जीते थे।

हालांकि, तारापुर हमेशा जदयू का गढ़ रही है। 2010 में जदयू  की नीता चौधरी (मेवालाल चौधरी की पत्नी) ने शकुनी चौधरी को हराया। 2015 में मेवालाल चौधरी ने हम (सेक्युलर) के शकुनी चौधरी को 11,947 वोटों से मात दी। 2020 में भी मेवालाल ने राजद के दिव्या प्रकाश को 7,225 वोटों से हराकर जीत दर्ज की।

मेवालाल के निधन के बाद 2021 के उपचुनाव में जदयू  के राजीव कुमार सिंह ने राजद के अरुण कुमार को 3,852 वोटों से पराजित किया। पिछले 30 सालों में भाजपा कभी इस सीट पर कब्जा नहीं जमा सकी। इस बार जदयू  ने सम्राट चौधरी के लिए सीट छोड़कर एनडीए की एकजुटता दिखाई, लेकिन सम्राट के लिए जीत आसान नहीं।

सम्राट चौधरी ने 16 अक्टूबर को नामांकन दाखिल किया। नामांकन से पहले उन्होंने रणगांव के बाबा रत्नेश्वरनाथ मंदिर और तिलडीहा मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और सांसद रविशंकर प्रसाद मौजूद रहे। सम्राट ने तब कहा था कि तारापुर की जनता हमारे परिवार की विरासत को आगे बढ़ाएगी। उनके भाई रोहित चौधरी ने दावा किया कि सम्राट 25 हजार वोटों से जीतेंगे।

मुकाबले की बात करें तो कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन असली टक्कर त्रिकोणीय है। राजद के अरुण कुमार साहू भाजपा के परंपरागत वोटों में सेंध लगा रहे हैं। अरुण 2021 उपचुनाव में जदयू  से हारे थे, लेकिन अब महागठबंधन के समर्थन से मजबूत हैं। वे कुशवाहा समाज के बड़े चेहरे हैं और स्थानीय मुद्दों पर फोकस कर रहे हैं।

प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के डॉ. संतोष कुमार सिंह तीसरे कोण हैं। डॉ. सिंह स्थानीय क्लिनिक चलाते हैं और प्रशांत किशोर ने उन्हें सम्राट के खिलाफ उतारा है। किशोर ने सम्राट की उम्र और शिक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सातवीं क्लास फेल सम्राट को बड़ा डॉक्टर हराएगा। जन सुराज की मशीनरी तारापुर में सक्रिय है, जहां पेशेवर टीम घर-घर कैंपेन कर रही है। बसपा और अन्य छोटी पार्टियां भी मैदान में हैं, जो वोट काट सकती हैं।

तारापुर की जनसंख्या करीब 3 लाख है, जिसमें कुशवाहा (कोइरी) वोटर निर्णायक हैं – करीब 50-60 हजार। इसके अलावा यादव, मुस्लिम, दलित और अन्य ओबीसी वोट महत्वपूर्ण। 2020 में वोटिंग प्रतिशत 55% था, जो बढ़ सकता है। सम्राट कुशवाहा कार्ड खेल रहे हैं, जबकि राजद यादव-मुस्लिम गठजोड़ पर। जन सुराज शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर फोकस कर नई पीढ़ी को लुभा रही है।

सम्राट अगर जीतते हैं तो उनका कद बढ़ेगा, एनडीए में कुशवाहा नेतृत्व मजबूत होगा। हार गए तो उपमुख्यमंत्री पद पर सवाल उठेंगे। 6 नवंबर को पहले चरण में मतदान है, नतीजे 14 नवंबर को। तारापुर की यह जंग बिहार की सियासत की दिशा तय करेगी। क्या परिवार की विरासत जदयू के गढ़ को तोड़ पाएगी या नई ताकतें खेल बिगाड़ेंगी? जनता का फैसला इंतजार कीजिए।

Expert Media News / Mukesh bhartiy

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले 35 वर्षों से एक समर्पित समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रुप में सक्रीय हैं, जिन्हें समसामयिक राजनीतिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय खबरों पर गहरी समझ और विश्लेषण देने का अनुभव है। वे Expert Media News टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो एक डिजिटल समाचार प्लेटफ़ॉर्म जो ताज़ा घटनाओं, विश्वसनीय रिपोर्टिंग और प्रासंगिक दृष्टिकोण को पाठकों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखता है। Expert Media News न केवल ताज़ा खबरें साझा करता है, बल्कि उन विश्लेषणों को भी प्रकाशित करता है जो आज की बदलती दुनिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं। वे मानते हैं कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

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