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गोपालगंज CJM ने SP को कहा- DSP से पता लगवाईए कहां हैं भगवान? जानें रोचक मामला

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। बिहार के गोपालगंज कोर्ट के सीजेएम मानवेन्द्र मिश्रा की अदालत में वरीरायभान गांव से चोरी अष्टधातु की मूर्ति का मामला पुलिस की लापरवाही से लंबा खिंचता जा रहा है। मूर्ति पाने की आस में भक्त एक बार फिर कोर्ट से निराश लौटे।

gopalganj cjm manvendra mishraलगातार तीसरी तारीख को भी पहचान के लिए हथुआ थानाध्यक्ष ने कोर्ट में राधाकृष्ण की मूर्ति पेश नहीं की। वे खुद भी कोर्ट नहीं आ रहे हैं। मामले के सूचक ने आशंका व्यक्त की है कि संभवतः पुलिस की मिलीभगत से थाने के मालखाने से मूर्ति गायब कर दी गई है, जो चोरी के पांच साल बाद वरीरायभान गांव के तालाब से खुदाई के दौरान मिली थी।

थानाध्यक्ष के द्वारा मूर्ति नहीं लाने और उनके खुद भी कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर सख्त सीजेएम मानवेंद्र मिश्र ने एसपी को निर्देश दिया है कि तत्काल डीएसपी स्तर के पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्त्व में जांच टीम गठित कर हथुआ थाने के मालखाने की जांच कराएं कि वास्तव में राधाकृष्ण की अष्टधातु की मूर्ति मालखाने में है भी या नहीं।

साथ ही कोर्ट ने यह भी पता लगाने का निर्देश दिया है कि यदि तबादले के बाद कोई पदाधिकारी चाबी लेकर चला गया है तो थानाध्यक्ष ने वरीय पदाधिकारी को कार्रवाई की अनुशंसा की है अथवा नहीं।

एसपी से इसका जवाब भी सीजेएम ने तलब किया है कि थानाध्यक्ष के द्वारा किस परिस्थिति में कोर्ट के आदेश की लगातार अवहेलना की जा रही है। सीजेएम ने दंडात्मक व विभागीय कार्यवाही कर अवगत कराने का आदेश एसपी को दिया है। सीजेएम ने एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है।

बता दें कि विगत 1 और 2 मार्च को आदेश के बावजूद थानाध्यक्ष द्वारा मूर्ति नहीं लाने या खुद कोर्ट में उपस्थित नहीं होने से न्यायिक प्रक्रिया में व्यवधान पड़ा था। सीजेएम ने उनके वेतन से एक हजार रुपए काटने का आदेश दिया था।

इसके बावजूद तीसरी तिथि अर्थात मंगलवार को भी थानाध्यक्ष कोर्ट की कार्यवाही के दौरान नहीं पहुंचे और न ही मूर्ति नहीं पेश किए जाने की कोई वाजिब वजह ही कोर्ट को बता पा रहे हैं। सूचक के द्वारा मालखाने से मूर्ति गायब होने की आशंका मंगलवार को कोर्ट में व्यक्त की गई।

उधर हथुआ के थानाध्यक्ष छुट्टी पर चले गए हैं। बीती देर शाम थाने का सरकारी नंबर 9431822480 सवा घंटे के अंतराल में तीसरी बार डायल करने पर मोबाइल उठा। कॉल रिसीव करने वाले पदाधिकारी ने बताया कि थानाध्यक्ष राजेश कुमार चौधरी आज ही प्रभार देकर छुट्टी पर गए हैं। अष्टधातु की मूर्ति के प्रकरण के बारे में हमें जानकारी नहीं है। दो-तीन दिन बाद वे आएंगे।

वहीं, जिला अभियोजन पदाधिकारी के माध्यम से कोर्ट को बताया गया है कि हथुआ थाने के मालखाने की चाबी तबादले के बाद एक पुलिस पदाधिकारी लेकर बक्सर चले गए हैं। इसलिए मालखाने से मूर्ति नहीं निकाली जा सकती।

इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि आशंका है कि अष्टधातु की मूर्ति पुलिस की मिलीभगत से थाने से गायब कर दी गई है। इसलिए हथुआ थाने की पुलिस मूर्ति को न्यायालय में पेश नहीं कर पा रही। और झूठा तथ्य प्रस्तुत कर रही है।

इधर कोर्ट इसे लेकर भी सख्त है कि आखिर कोई अधिकारी मालखाने की चाबी लेकर चला गया है और उपलब्ध नहीं करा रहा है तो थानाध्यक्ष द्वारा इस तथ्य को लिखित रूप में अब तक वरीय पुलिस पदाधिकारी अथवा न्यायालय को अवगत क्यों नहीं कराया गया? (इनपुटः भास्कर)

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Expert Media News / Mukesh bhartiy

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