जरा देखिएप्रशासनबिग ब्रेकिंगबिहारभ्रष्टाचार

बेतिया में जिला मत्स्य पदाधिकारी एक लाख की रिश्वत रंगे हाथ गिरफ्तार

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में भ्रष्टाचार की एक और कड़ी उजागर हुई है, जहां जिला मत्स्य पदाधिकारी पीयूष रंजन कुमार को निगरानी विभाग की टीम ने एक लाख रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह घटना आज सोमवार 25 अगस्त 2025 को उनके कार्यालय कक्ष में ही घटी, जब निगरानी की टीम ने चतुराई से जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को धर दबोचा। इस गिरफ्तारी से जिले के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के मुताबिक मामला बैरिया प्रखंड के पखनाहा बाजार से जुड़ा है। यहां के निवासी मुराद अनवर की मां मत्स्य पालन के क्षेत्र में सक्रिय हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) का लाभ उठाने के लिए आवेदन किया था।

इस योजना के तहत लाभार्थियों को 25 लाख रुपये की सहायता मिलती है, जिसमें से 10 लाख रुपये सब्सिडी के रूप में प्रदान किए जाते हैं। यह योजना मछली पालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, लेकिन भ्रष्ट अधिकारी इसे अपनी कमाई का जरिया बना रहे हैं।

पीयूष रंजन कुमार ने योजना का लाभ दिलाने के बदले मुराद अनवर से एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। आरोपी अधिकारी लगातार पीड़ित पर दबाव बना रहा था, जिससे तंग आकर मुराद अनवर ने पटना स्थित निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलते ही निगरानी की टीम सक्रिय हो गई। डीएसपी पवन कुमार के नेतृत्व में टीम ने पहले मामले की जांच की और आरोपों को सही पाया। इसके बाद एक सुनियोजित ट्रैप तैयार किया गया।

सोमवार को जब पीयूष रंजन कुमार अपने कार्यालय में रिश्वत की रकम ले रहे थे, तभी टीम ने छापा मारकर उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को प्रारंभिक पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया, जहां आगे की जांच जारी है।

यह गिरफ्तारी जिले में निगरानी विभाग की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। मात्र एक सप्ताह पहले नरकटियागंज में एक महिला दारोगा को भी रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आम जनता भ्रष्टाचार की शिकायत टोल फ्री नंबर 1064 या फोन नंबर 0612-2215344 पर कर सकती है, जिससे ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

मुकेश भारतीय

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, प्रशासन, सरकार को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर लेखन-संपादन करते आ रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button