
दुमका (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। दुमका समाहरणालय के सभागार कक्ष में शुक्रवार को स्वर्गीय धनेश्वर पाहन की स्मृति में एक भावपूर्ण शोकसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों व सामाजिक प्रतिनिधियों ने उनके जीवन से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

ज्ञात हो कि खिजरी विधानसभा के भूतपूर्व विधायक स्व. दुती पाहन के भतीजे तथा वर्तमान में जिला कल्याण कार्यालय दुमका में कार्यरत धनेश्वर पाहन का 9 जनवरी की सुबह रांची के इरबा स्थित मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके असामयिक निधन से न केवल परिवार, बल्कि प्रशासनिक महकमे और समाज में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
परिजनों ने बताया कि दिसंबर माह में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते वे इलाज के लिए रांची गए थे। 2 जनवरी को खून की गंभीर कमी पाए जाने पर उन्हें सदर अस्पताल रांची में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने आवश्यक उपचार के साथ खून चढ़ाया। प्रारंभिक इलाज के बाद कुछ समय के लिए उनकी स्थिति स्थिर बताई गई, लेकिन 8 जनवरी की तड़के करीब चार बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें तुरंत इरबा स्थित मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज शुरू हुआ। तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद 9 जनवरी की सुबह करीब तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
निधन की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और दुमका सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल छा गया। उनकी अंतिम यात्रा में परिवार के सदस्यों के साथ गांव के लोग, सहकर्मी और सैकड़ों शुभचिंतक शामिल हुए। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जो उनके लोकप्रिय और मिलनसार स्वभाव को दर्शाती है।
शोकसभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि धनेश्वर पाहन अपने सरल व्यवहार, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। वे हमेशा जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहते थे और अपने कार्यालयीन दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करते थे। पूर्व विधायक स्व. दुती पाहन के परिवार से जुड़े होने के कारण उनका सामाजिक दायरा भी व्यापक था और समाज के विभिन्न वर्गों से उनका आत्मीय संबंध रहा।
शोकसभा में उपस्थित लोगों ने उनके निधन को क्षेत्र और प्रशासन के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। अंत में सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा और शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की ईश्वर से कामना की।





