मद्रास उच्च न्यायालयः मानहानि मामले में धौनी को 10 लाख जमा करने का आदेश
मद्रास उच्च न्यायालय ने आदेश दिया – धौनी को 10 लाख रुपये अनुवाद शुल्क 12 मार्च तक जमा करने होंगे; मामला 2013 आईपीएल सट्टेबाजी विवाद से जुड़ा

रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। मद्रास उच्च न्यायालय ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी से जुड़े एक चर्चित मानहानि प्रकरण में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए सीडी सामग्री के प्रतिलेखन (ट्रांसक्रिप्शन) और अनुवाद के लिए 10 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति आर.एन. मंजुला ने सुनाया है।
यह मामला धौनी द्वारा सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार के खिलाफ दायर 100 करोड़ रुपये के मानहानि दावे से जुड़ा है। धौनी का आरोप है कि वर्ष 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी घोटाला में उनका नाम अनुचित रूप से जोड़ा गया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि 28 अक्तूबर 2025 को पारित पूर्व आदेश के अनुसार इस प्रकरण से संबंधित सीडी में दर्ज ऑडियो सामग्री का लिखित रूपांतरण और अनुवाद केवल आधिकारिक दुभाषिए के माध्यम से ही कराया जाएगा। यह प्रक्रिया आवश्यक शुल्क के भुगतान पर निर्भर है।
न्यायालय के अनुसार कार्य का दायरा अत्यंत व्यापक है और इसे पूरा करने में कम से कम तीन से चार महीने का समय लग सकता है।
न्यायालय ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में एक दुभाषिए और एक टाइपिस्ट की पूर्णकालिक सेवाएं ली जाएंगी। साथ ही प्रतियां तैयार करने की अतिरिक्त लागत भी शामिल होगी। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कुल 10 लाख रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसका भुगतान वादी यानी धौनी को करना होगा।
अदालत ने निर्देश दिया है कि यह राशि 12 मार्च 2026 तक मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश राहत कोष में जमा कराई जाए। मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को तय की गई है।
समाचार स्रोतः मुकेश भारतीय / मीडिया रिपोर्ट्स





