
रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा इलाके से 2 जनवरी को लापता हुए 5 वर्षीय अंश कुमार और 4 वर्षीय अंशिका कुमारी को आज पुलिस ने रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से सकुशल बरामद कर लिया है।
यह घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई थी, जहां पुलिस की विशेष टीम ने 12 दिनों तक गहन तलाशी अभियान चलाया। बच्चों की बरामदगी से उनके परिवार और स्थानीय समुदाय में राहत की लहर दौड़ गई है, जबकि इस मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
घटना की शुरुआत 2 जनवरी 2026 को हुई, जब धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी खटाल में रहने वाले अंश और अंशिका घर से बिस्किट खरीदने के लिए निकले थे। वे शाम तक वापस नहीं लौटे, जिसके बाद उनके परिजनों ने धुर्वा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बच्चों की उम्र कम होने और इलाके में कोई सुराग न मिलने से परिवार में अनहोनी की आशंका बढ़ गई थी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चे खेलते-खेलते अक्सर आसपास घूमते थे, लेकिन इस बार वे गायब हो गए। पुलिस ने तुरंत सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल ट्रैकिंग और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
रांची पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम गठित की, जिसमें रजरप्पा पुलिस भी शामिल थी। पूरे झारखंड में अलर्ट जारी किया गया और देशभर में सोशल मीडिया व समाचार माध्यमों के जरिए बच्चों की तस्वीरें व जानकारी साझा की गईं। प
रिवार के सदस्यों ने बताया कि इन 12 दिनों में घर का चूल्हा नहीं जला और वे लगातार पुलिस स्टेशन के चक्कर काटते रहे।
पुलिस की जांच में कई चुनौतियां आईं। शुरुआती दिनों में कोई ठोस सुराग नहीं मिला, जिससे अपहरण की आशंका मजबूत हुई। टीम ने रामगढ़, हजारीबाग और आसपास के जिलों में सर्च बढ़ाया।
सूत्रों के अनुसार, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचनाओं के आधार पर रामगढ़ के चितरपुर इलाके पर फोकस किया गया, जो एक पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र है। रांची के एसएसपी ने खुद टीम की निगरानी की और रजरप्पा पुलिस की मदद से 13वें दिन (14 जनवरी) बच्चों का पता चला।
14 जनवरी की सुबह रांची पुलिस की स्पेशल टीम ने रामगढ़ जिले के चितरपुर के पहाड़ी इलाके से अंश और अंशिका को सुरक्षित बरामद किया। बच्चे पूरी तरह स्वस्थ पाए गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई।
बरामदगी के तुरंत बाद बच्चों को रांची लाया गया, जहां एसएसपी आवास पर उन्हें परिवार को सौंपा गया। इस ऑपरेशन में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें अपहरण का आरोपी माना जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी बच्चों को चितरपुर में छिपाकर रखे हुए थे, लेकिन उनके अपहरण के मकसद की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अपहरण के पीछे की वजह सामने आ सकती है, जैसे फिरौती या अन्य आपराधिक इरादा।
बच्चों की बरामदगी की खबर सुनते ही परिवार में खुशी का माहौल छा गया। उनकी मां ने बताया कि 13 दिनों से हमारी नींद हराम थी, लेकिन पुलिस की मेहनत से बच्चे वापस आ गए। अब घर में चूल्हा जलेगा।” स्थानीय लोगों ने पुलिस की सराहना की और राहत की सांस ली।
सोशल मीडिया पर #AnshAnshikaFound हैशटैग ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग पुलिस की त्वरित कार्रवाई की तारीफ कर रहे हैं। झारखंड पुलिस ने ट्वीट कर इस सफलता की जानकारी साझा की।
पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों को शामिल किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए इलाकों में सीसीटीवी बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, लेकिन पुलिस की सक्रियता से एक सकारात्मक संदेश गया है। मामले में आगे की अपडेट के लिए पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार है।










