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कांके CO ने 2 माह बाद भी रांची DC को नहीं भेजा जबाव, कहा- पर्सनली आकर मिलिए!

रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)। रांची जिला अंतर्गत कांके अंचल कार्यालय में व्याप्त अनियमितताओं और अधिकारियों की मनमानी ने एक गंभीर मुद्दे को जन्म दिया है। यहां पदस्थ कर्मियों द्वारा कथित तौर पर फर्जी डीड के आधार पर अवैध दाखिल-खारिज कर रसीद निर्गत करने का मामला सामने आया है।

Hemant Raj Look at the arbitrariness of Kanke CO he ignored the action instructions of Ranchi DC 2
Hemant Raj Look at the arbitrariness of Kanke CO, he ignored the action instructions of Ranchi DC

आश्चर्यजनक रूप से इसकी शिकायत रांची उपायुक्त को किए जाने के बावजूद रांची अपर समाहर्ता द्वारा 19 जून 2025 को प्रेषित पत्र का दो माह बाद भी कोई जवाब नहीं मिला है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि आखिर पीड़ित अपनी गुहार लेकर कहां जाए?

रांची के ओरमांझी निवासी श्रीमती आशा कुमारी, ने उपायुक्त रांची को एक आवेदन देकर अपनी कायमी रैयती भूमि के साथ हुई छेड़छाड़ की शिकायत की थी। उनके आवेदन के अनुसार उनकी जमीन की फर्जी डीड बनाकर अवैध रूप से दाखिल-खारिज कर रसीद जारी की गई। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त कार्यालय ने इसे कांके अंचल अधिकारी को जांच और कार्रवाई के लिए भेजा।

रांची अपर समाहर्ता द्वारा 19 जून 2025 को जारी पत्र (पत्रांक 3079) में स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि कांके अंचल अधिकारी इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई कर प्रभारी पदाधिकारी, जन शिकायत कोषांग रांची को अविलंब प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। साथ ही अपर समाहर्ता को भी सूचित करने का निर्देश था। लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही कोई जवाब दिया गया।

इस मामले में कांके अंचल कार्यालय की चुप्पी और प्रशासनिक उदासीनता कई सवाल खड़े करती है। आखिर क्यों एक गंभीर शिकायत पर कार्रवाई में इतनी देरी हो रही है? क्या यह प्रशासनिक ढिलाई का नमूना है या फिर कुछ और गहरी साजिश?

पीड़ित आशा कुमारी का कहना है कि उनकी जमीन के साथ हुई इस धोखाधड़ी ने उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। वे कई बार अंचल से उपायुक्त कार्यालय तक बारबंबार गुहार लगा रही है, लेकिन उसकी सुध कोई नहीं ले रहा है।

भूमि मामलों के जानकार और वरिष्ठ अधिवक्ता बी.एन. झा कहते हैं कि यह मामला गंभीर है। फर्जी डीड के आधार पर दाखिल-खारिज करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह भ्रष्टाचार को भी दर्शाता है। आखिर अंचल कार्यालय ने 25 डिसमिल भूमि की 37 डिसमिल की रशीद कैसे जारी कर दिया है। प्रशासन को तत्काल इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसी घटनाएं रैयती भूमि मालिकों के बीच असुरक्षा और सरकार के प्रति अविश्वास की भावना पैदा करती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कांके अंचल कार्यालय में ऐसी अनियमितताएं कोई नई बात नहीं हैं। पहले भी कई बार जमीन से संबंधित फर्जीवाड़े के मामले सामने आए हैं, लेकिन कार्रवाई के अभाव में दोषी बेखौफ होकर ऐसी गतिविधियां जारी रखते हैं। इस मामले ने स्थानीय निवासियों में प्रशासन के प्रति अविश्वास को और गहरा कर दिया है।

श्रीमती आशा कुमारी ने बताया कि वे इस मामले को अब उच्च स्तर पर ले जाएंगी। वे झारखंड सरकार के लोकायुक्त और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से इसकी शिकायत करने की तैयारी कर रही हैं। साथ ही उन्होंने अन्य पीड़ितों से भी अपील की है कि वे अपनी शिकायतों को सामने लाएं। ताकि इस तरह की अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके।

इस संबंध में जब कांके अंचल के वर्तमान अंचलाधिकारी अमित भगत से एक्सपर्ट मीडिया न्यूज ने बात कर वस्तुस्थिति जानना चाहा तो उनका कहना है कि वे मोबाइल पर इस संबंध में कोई बात नहीं करते। पर्ससनली आकर मिलिए।

बहरहाल, रांची के कांके अंचल कार्यालय में व्याप्त इस तरह की लापरवाही और मनमानी न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी ठेस पहुंचाती है। यह समय है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में तत्काल कार्रवाई करें और पीड़ित को न्याय दिलाएं। अन्यथा यह मामला एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है।

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