आधी आबादीदेशबिहार

महिला दिवसः निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर नालंदा के अनतपुर चंडी की ‘मशरुम लेडी’

अनीता ने रांची के कृषि विश्वविद्यालय में मशरूम की खेती का प्रशिक्षण ली। उसके बाद खेती में जुटी और सफलता की कहानी गढ़ डालीं

बिहार शरीफ (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)। नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ से 23 किमी दूर स्थित चंडी प्रखंड के अनंतपुर गांव की रहने वाली अनीता देवी। इनकी सफलता की कहानी सभी लोगों की जुबां पर हैं।

मशरूम की खेती को नई उड़ान दी तो लोग इन्हें ‘मशरूम लेडी की उपाधि से नवाज दी गई। खेती से जुड़कर अपने परिवार की दशा बदलीं। अन्य महिलाओं के लिए तरक्की का नया मार्ग भी प्रशस्त किया।

यह कहना गलत नहीं होगा कि मेहनत के बूतें अनिता अपने गांव अनंतपुर की पहचान ‘मशरूम गांव’ के रूप में दिला दी है। मशरूम की खेती में मिली सफलता से उत्साहित अनीता ने अपने घर में मशरूम के बीज के उत्पादन के लिए मशरूम सीड लैब की स्थापना की है।

आज उनके द्वारा उत्पादित मशरूम और उनके बीज सिर्फ़ नालंदा के अलावा नवादा, शेखपुरा के अलावा व अन्य प्रदेश एवं देश के विभिन्न हिस्सों से डिमांड पर बेचे जाते हैं।

अभी 50 किलो हर दिन मशरूम का उत्पादन करती हैं। लैब की क्षमता रोज 100 केजी बीज तैयार करने का है।

अनीता बताती हैं कि वह गृहविज्ञान में बीए की हैं, पहले गांव की अन्य महिलाओं की तरह वह भी घर का चूल्हा-चौका संभालने में जुटी रहती थीं।

पति संजय कुमार बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए काफी प्रयास की लेकिन सफलता नहीं मिली।

थक-हारकर खेती करने लगी। खेती-बाड़ी से परिवार का किसी तरह गुजारा हो पाता था। काफी-सोच विचार के बाद वह हरनौत कृषि विज्ञान केन्द्र पहुंची।

वहां के कृषि वैज्ञानिक ने अनीता को मशरूम की खेती करने की सलाह दी। रांची के कृषि विश्वविद्यालय में मशरूम की खेती का प्रशिक्षण ली। उसके बाद खेती में जुटी और सफलता की कहानी गढ़ डालीं।

साल 2010 में अनीता मशरूम की खेती से जुड़ी थीं। आज इनकी अगुआई में अनंतपुर और उसके आसपास के गांवों की हजारों महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बदल रही हैं।

इनके प्रेरित होकर जिले की करीब 8 हजार महिलाएं मशरूम उत्पादन से जुड़ी हुई है। इसके लिए ‘स्वयं सहायता समूह का गठन भी किया है।

मशरूम की खेती में अनीता के योगदान के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने उन्हें 2012 में नवाचार कृषक पुरस्कार से सम्मानित किया था।

वर्ष 2015 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिसद, नई दिल्ली ने उन्हें जगजीवन राम अभिनव किसान पुरस्कार से सम्मानित किया।

पिछले साल 27 फरवरी को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली द्वारा इनोवेशन फॉर्मर अवार्ड भी इन्हें दिया गया है।

इसके अलावा भी इनकी झोली में कई पुरस्कार मिले हैं। महिला दिवस पर रोटरी क्लब द्वारा इन्हें सम्मानित किया जाएगा।

Expert Media News / Mukesh bhartiy

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले 35 वर्षों से एक समर्पित समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रुप में सक्रीय हैं, जिन्हें समसामयिक राजनीतिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय खबरों पर गहरी समझ और विश्लेषण देने का अनुभव है। वे Expert Media News टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो एक डिजिटल समाचार प्लेटफ़ॉर्म जो ताज़ा घटनाओं, विश्वसनीय रिपोर्टिंग और प्रासंगिक दृष्टिकोण को पाठकों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखता है। Expert Media News न केवल ताज़ा खबरें साझा करता है, बल्कि उन विश्लेषणों को भी प्रकाशित करता है जो आज की बदलती दुनिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं। वे मानते हैं कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।
Back to top button