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बेंगलुरु में ‘सीतरंग’ से बाढ़ जैसे हालात, मेट्रो स्टेशन की दीवार गिरी

बेंगलुरु (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। दिवाली से पहले ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश पर साइक्लोन खतरा मंडरा रहा है। उत्तरी अंडमान और इसके आसपास के क्षेत्रों सीतरंग नाम का साइक्लोन एक्टिव है।

मौसम विभाग के मुताबिक 22 अक्टूबर को साइक्लोन सीतरंग मध्य बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। 23 और 24 अक्टूबर को यह साइक्लोन पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में बड़े तूफान का रूप ले सकता है।

Flood like situation due to Sitrang in Bengaluru metro station wall collapses 2इसको लेकर ओडिशा सरकार अपने अधिकारियों पर अलर्ट पर रहने को कहा है। स्थिति को देखते हुए ओडिशा प्रशासन ने तटीय जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है।

मछुआरों को 22 अक्टूबर से समुद्र में ना जाने की हिदायत दी गई है। ओडिशा के आलावा पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में भी साइक्लोन का असर पड़ने की संभावना है।

दूसरी तरफ बेंगलुरु में तीन दिन से हो बारिश के बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। बुधवार को हुई तेज बारिश के कारण रिहायशी इलाकों में सड़कें जाम हो गईं, पानी और बिजली की लाइनें टूट गईं हैं।

शेषाद्रीपुरम इलाके में नम्मा मेट्रो स्टेशन की रिटेनिंग वॉल गिरने से कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है।

बारिश के चलते कई जगहों की सड़कें भी टूट गई हैं। सबसे प्रभावित इलाकों में बेलंदूर का IT क्षेत्र, वाइटफील्ड, आउटर रिंग रोड और BEML ले-आउट शामिल हैं। शहर में अगले तीन दिन तक यलो अलर्ट जारी किया गया है।

Mukesh bhartiy

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले 35 वर्षों से एक समर्पित समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रुप में सक्रीय हैं, जिन्हें समसामयिक राजनीतिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय खबरों पर गहरी समझ और विश्लेषण देने का अनुभव है। वे Expert Media News टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो एक डिजिटल समाचार प्लेटफ़ॉर्म जो ताज़ा घटनाओं, विश्वसनीय रिपोर्टिंग और प्रासंगिक दृष्टिकोण को पाठकों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखता है। Expert Media News न केवल ताज़ा खबरें साझा करता है, बल्कि उन विश्लेषणों को भी प्रकाशित करता है जो आज की बदलती दुनिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं। वे मानते हैं कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।
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