
पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। बिहार में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को शिक्षक नियुक्ति परीक्षा TRE-4 के लिए अधियाचन प्राप्त हो गई है। इसके तहत राज्यभर में करीब 46 हजार शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी। इस बहाली से प्राथमिक से लेकर प्लस-टू स्तर तक लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण मदद मिलने की उम्मीद है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस चरण में प्राथमिक विद्यालयों में लगभग साढ़े 10 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रस्तावित है। इसके साथ ही अल्पसंख्यक विद्यालयों में भी करीब एक हजार रिक्त पदों को भरा जाएगा। आयोग की ओर से संकेत दिया गया है कि टीआरइ-4 का विज्ञापन मार्च माह में जारी किया जा सकता है, जिसके बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी।
बीपीएससी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह बहाली सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से शिक्षा विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग तथा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अंतर्गत की जाएगी। अलग-अलग विभागों में विभिन्न कक्षाओं के लिए शिक्षक और प्रधानाध्यापक पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग के अंतर्गत कक्षा एक से पांच, छह से आठ, नौवीं से दसवीं तथा 11वीं से 12वीं तक के विद्यालय अध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी।
वहीं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के तहत कक्षा एक से पांच, छह से दस और 11वीं से 12वीं तक के विद्यालय अध्यापक एवं प्रधानाध्यापक पद शामिल हैं। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में भी कक्षा छह से आठ, नौवीं से दसवीं और 11वीं से 12वीं तक के विद्यालय अध्यापक और प्रधानाध्यापक पदों पर बहाली होगी।
परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट किया कि पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित होगी। समेकित विज्ञापन जारी होते ही ऑनलाइन आवेदन, पात्रता मानदंड, आरक्षण प्रावधान और परीक्षा कार्यक्रम से जुड़ी सभी विस्तृत जानकारियां आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएंगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि TRE-4 के माध्यम से होने वाली यह बहाली न केवल शिक्षकों की कमी को दूर करेगी, बल्कि राज्य की शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार लाएगी। प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक मजबूत शिक्षक आधार तैयार होने से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिलेगा और सरकारी विद्यालयों पर लोगों का भरोसा और बढ़ेगा।
समाचार स्रोत: मुकेश भारतीय / मीडिया रिपोर्ट्स





