सिर्फ रांची में दिखा सूर्य के चारो तरफ यह अद्भुत नजारा, सतरंगी घेरा, जाने क्यों?

“इस अद्भुत नजारे को रांची वासियों ने अपने कैमरे में कैद किया है। सतंरगी घेरा में सूर्य की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं। लेह में बौद्ध धर्मावलंबी इस खगोलीय घटना को बहुत शुभ मानते हैं और वहां सरकारी छुट्टी भी घोषित कर दी जाती है। इस करोना महामारी में इसे शुभ संकेत ही

The post सिर्फ रांची में दिखा सूर्य के चारो तरफ यह अद्भुत नजारा, सतरंगी घेरा, जाने क्यों? first appeared on Expert media news.

 
सिर्फ रांची में दिखा सूर्य के चारो तरफ यह अद्भुत नजारा, सतरंगी घेरा, जाने क्यों?

इस अद्भुत नजारे को रांची वासियों ने अपने कैमरे में कैद किया है। सतंरगी घेरा में सूर्य की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं। लेह में बौद्ध धर्मावलंबी इस खगोलीय घटना को बहुत शुभ मानते हैं और वहां सरकारी छुट्टी भी घोषित कर दी जाती है। इस करोना महामारी में इसे शुभ संकेत ही माना जा सकता है…..

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क। झारखंड की राजधानी रांची प्रक्षेत्र के आसमान में आज दो घंटे तक लोगों को अद्भुत नजारा देखने को मिला है। सूर्य के चारों तरफ आज सतरंगी घेरा देखा है। इस अद्भुत नजारे को लोगों ने अपने कैमरे में कैद दिया है। साथ ही इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

सिर्फ रांची में दिखा सूर्य के चारो तरफ यह अद्भुत नजारा, सतरंगी घेरा, जाने क्यों?झारखंड की राजधानी रांची और आसपास के कई हिस्सों में सोमवार को तेज धूप के बीच सूर्य के चारों ओर रंगीन इंद्रधनुष का अद्भूत नजारा देखने को मिला।

आम तौर पर धनुषाकार होने वाले इंद्रधनुष ने अपने सात रंगों से सूर्य को गोलाकार में घेर लिया था। इस अद्भुत नजारे को देखकर रांची के लोग हैरान भी थे। आखिर सूर्य आज सतरंगी घेरा में क्यों दिख रहा है।

रांची स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार कि खगोल विज्ञान में इसे ‘‘22 डिग्री सर्कुलर हलो कहते हैं। इसका मुख्य कारण आइस क्रिस्टल पर सूर्य की रोशनी का परावर्तन होना है। आइस क्रिस्टल ऊपरी वायुमंडल में धरती से 18 से 21 किलोमीटर ऊपर संस्पेंडेड फार्म यानी लटकी हुई अवस्था में रहती हैं।

ऐसा तब होता है, जब सूर्य या चंद्रमा की किरणें बादलों में मौजूदा षट्कोणीय बर्फ क्रिस्टलों से अपवर्तित हो जाती है। यह हाई क्लाउड से बनता है और बारिश का सूचक होता है।

मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि हलो कई रूप में हो सकते हैं, जिसमें रंगीन या सफेद रिंग से लेकर आर्क्स और आकाश में धब्बे होते हैं। इनमें से कई सूर्य या चंद्रमा के पास दिखाई देते हैं, लेकिन अन्य कहीं या आकाश के विपरीत हिस्से में भी होता है।

मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि सबसे प्रसिद्ध प्रभामंडल प्रकारों में वृत्ताकार प्रभामंडल, जिसे प्रकाश स्तंभ भी कहते हैं और यह अत्यंत दुलर्भ होता है, आज इसी तरह का दृश्य देखने को मिला। वहीं, रांची के लोगों में यह अद्भुत नजारा अभी भी कौतूहल का विषय है।

कुछ जानकार इस अद्भूत नजारे को लेकर तरह-तरह की व्याख्या भी कर रहे है। कुछ लोग इसे संकट की स्थिति से भी जोड़ कर रहे हैं।

जानकारों का कहना है कि लेह में बौद्ध धर्मावलंबी इस खगोलीय घटना को बहुत शुभ मानते हैं और वहां सरकारी छुट्टी भी घोषित कर दी जाती है। इस करोना महामारी में इसे शुभ संकेत ही माना जा सकता है।

<p>The post सिर्फ रांची में दिखा सूर्य के चारो तरफ यह अद्भुत नजारा, सतरंगी घेरा, जाने क्यों? first appeared on Expert media news.</p>