30.1 C
New Delhi
Saturday, September 25, 2021
अन्य

    जितेंद्र हत्याकांडः 9 माह में आया फैसला, तीनो दोस्त को मिली 3-3 साल की सजा, ब्लेड से गला काट की थी निर्मम हत्या

    नालंदा (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। दोस्ती जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित कर बर्बर हत्या करने वाले तीन दोस्तों को कोर्ट ने दोषी पाते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई है।

    सोमवार को किशोर न्याय परिषद (जेजेबी) के प्रधान दंडाधिकारी सह अपर जिला व सत्र न्यायधीश मानवेंद्र मिश्र ने जितेंद्र के हत्यारे तीन किशोर दोस्तों को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाई है।

    इसके अलावा रुपए छीनने, रुपए बरामद होने व आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में भी तीन-तीन साल की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

    जेजेबी कोर्ट ने कोरोना लॉउक डाउन काल होने के बाबजूद महज 9 माह में उपलब्ध ठोस सबूतो एवं गवाहों के आधार पर स्पीडी ट्रायल की तरह एक बड़ा उल्लेखनीय फैसला सुनाई है।

    हाई कोर्ट ने जेजेबी के आदेश बरकार रखाः  इसके पहले जेजेबी कोर्ट ने सभी नामजद किशोर आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। आरोपी हाई कोर्ट गए, जहां भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली और जेजेबी कोर्ट के फैसले को बरकरार रखी।

    मृतक जितेंद्र कुमार स्थानीय खरादी मोहल्ला निवासी केदारनाथ का पुत्र था। जबकि, अन्य आरोपी भी इसी शहर के ही रहने वाले हैं। वे मृतक का दोस्त थे।

    यह था घटनाः  अभियोजन की ओर से एपीओ जयप्रकाश ने सुनवाई की। उन्होंने बताया कि 8 फरवरी 2019 की रात 10  बजे अपने घर से जितेंद्र कुछ देर में आने की बात कहकर बाहर निकला। लेकिन, रात एक बजे तक नहीं लौटा।

    उसके बाद परिजन उसे खोजने निकले। लेकिन, वह नहीं मिला। सुबह होने पर दो लड़कों ने आकर सूचक मनोज कुमार को बताया कि आपके भाई की हत्या कर लाश पुलपर मोहल्ला में फेंका हुआ है।

    इसके बाद परिजन वहां पहुंचे। तब तक पुलिस उसे सदर अस्पताल इलाज के लिए ले गई। जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    सीसीटीवी फुटेज से हुई आरोपियों की पहचानः मामले में पुलिस ने हत्या के बाद मृतक जितेंद्र के घर से निकलने वाले रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। इसमें पुलिस ने तीनों आरोपितों के साथ रात में मृतक के साथ जाते हुए देखा। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मृतक के भाई मनोज कुमार ने तीनों की पहचान की।

    आरोपियों ने स्वीकारी थी अपनी जुर्मः अनुसंधान के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ की थी। इसमें आरोपितों ने हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की थी।

    इतना ही नहीं उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में शामिल ब्लेड को भी बरामद किया था। साथ ही मृतक जितेंद्र कुमार के पॉकेट से चोरी किए गए रुपयों के संबंध में जानकारी दी थी।

    इसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹रुपए बरामद किए थे। घटना के समय लगे खून से सने जैकेट का जला अवशेष भी बरामद किया था। जो बाद में अभियोजन ने सबूत के तौर पर पेश किया।

    संबंधित खबरें

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    5,623,189FansLike
    85,427,963FollowersFollow
    2,500,513FollowersFollow
    1,224,456FollowersFollow
    89,521,452FollowersFollow
    533,496SubscribersSubscribe