30.8 C
New Delhi
Tuesday, September 21, 2021
अन्य
    5,623,189FansLike
    85,427,963FollowersFollow
    2,500,513FollowersFollow
    1,224,456FollowersFollow
    89,521,452FollowersFollow
    533,496SubscribersSubscribe

    …सिर्फ इसलिए मंत्री-सांसद की पाट में फिस गई फूल !

    बिहार शरीफ नगर निगम की उप महापौर फूल कुमारी की कुर्सी चली गई। अब दोबारा कोई चमत्कार ही दिला सकता है, लेकिन उनकी कुर्सी जाने की असली वजह कोई अनियमियता या भ्रष्टाचार का मुद्दा नहीं है। क्योंकि इस हमाम में पूर्व हों या वर्तमान, कोई पूर्ण वस्त्रधारी नजर नहीं आते……….”

                                                                       -: मुकेश भारतीय / एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क :-

    सियासत किसी स्तर की हो, कुर्सियां गिरती-पड़ती-उठती रहती है। लेकिन बिहार शरीफ नगर निगम की उप महापौर फूल कुमारी की कुर्सी जाने की मूल वजह काफी चौंकाने वाले हैं और आज की भद्दी राजनीति पर कई सवाल खड़े करते हैं।

    इस खेल के पिछे पूर्व विधायक इंजीनियर सुनील की भूमिका न नायक की कही जा सकती है और न खलनायक की। हां उनमें एक विशुद्ध राजनीतिज्ञ की भूमिका समझ सकते  हैं, जो होनी भी चाहिए।

    बिहार शरीफ नगर निगम के पहले उप  महापौर नदीम जफर उर्फ गुलरेज बने। उसके बाद उन्हें कुर्सी से बेदखल कर शंकर कुमार ने  कब्जा जमा लिया।

    उसके बाद इस कुर्सी के लिए नदीम जफर की भाभी गजाला परवीन और शंकर कुमार की पत्नी फूल कुमारी दोनों मैदान में उतरी। उस चुनाव में फूल कुमारी को 25 और गजाला परवीन को 21 वोट मिले। फुल कुमारी उप महापौर बनी। 

    अब फिर नदीम जफर की पत्नी शर्मीली परवीन इस चुनावी मैदान में शंकर कुमार की पत्नी फूल कुमारी के खिलाफ मैदाने जंग में उतरी है। 

    राजनीतिक सूत्रों के अनुसार फूल कुमारी की कुर्सी जाने का सबसे बड़ा कारण सत्ताधारी जदयू की नालंदा जिले में हाई प्रोफाइल गुटबाजी है। पिछले लोकसभा चुनाव में शंकर ने राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह खेमा में पार्टी प्रत्याशी का चुनाव प्रचार किया।

    उधर, जिले में आरसीपी सिंह के बढ़ते कद से कतिपय चिंतित नालंदा विधायक एवं प्रदेश के वरीय कबीना मंत्री श्रवण कुमार को यह काफी नागवार लगी और उनके अपरोक्ष निर्देश पर पूर्व विधायक इंजी. सुनील चुनाव बाद शंकर की पत्नी फुल कुमारी को अपदस्त करने की मुहिम में जुट गए। जबकि फुल कुमारी को इंजी. सुनील ने ही अपने तिकड़मों से एड़ी-चोटी एक कर पदासीन किया था।

    इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि बिहार शरीफ नगर निगम में भी वार्ड पार्षदों की खरीद-फरोख्त और हार्स ट्रेडिंग जमकर होती है।

    यहां की स्थिति सट्टा बाजार से भी बद्दतर है। नालंदा की सियासत पर अपनी पकड़ मजबूत करने की मंशा रखने वाले इस भ्रष्टाचार को और भी बल देते आ रहे हैं।

    बिहार शरीफ के किसी भी वार्ड में देख लीजिए। कोई भी योजना सलीके से अमलीजामा नहीं पहनाया जाता है। निगम के अंदर भी करोड़ो का खेला होता है। इसमें व्यवस्था का हर तंत्र बैटिंग-बॉलिंग-फिल्डिंग करते साफ नजर आते हैं, जो सियायतदार अंपायर द्वारा फिक्सड होता है।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    EMN Video News _You tube
    Video thumbnail
    नगरनौसा में आज हुआ भेड़िया-धसान नामांकण, देखिए क्या कहते हैं चुनावी बांकुरें..
    06:26
    Video thumbnail
    नालंदा विश्वविद्यालय में भ्रष्ट्राचार को लेकर धरना-प्रदर्शन, बोले कांग्रेस नेता...
    02:10
    Video thumbnail
    पंचायत चुनाव-2021ः नगरनौसा में नामांकन के दौरान बहाई जा रही शराब की गंगा
    02:53
    Video thumbnail
    पिटाई के विरोध में धरना पर बैठे सरायकेला के पत्रकार
    03:03
    Video thumbnail
    देखिए वीडियोः इसलामपुर में खाद की किल्लत पर किसानों का बवाल, पुलिस को पीटा
    02:55
    Video thumbnail
    देखिए वायरल वीडियोः खाद की किल्लत से भड़के किसान, सड़क जामकर पुलिस को जमकर पीटा
    00:19
    Video thumbnail
    नालंदा पंचायत चुनाव 2021ः पुनः बनेगे थरथरी प्रखंड प्रमुख
    02:18
    Video thumbnail
    पंचायत चुनाव प्रक्रिया की भेड़ियाधसान भीड़ में पुलिस-प्रशासन भी नंगा
    04:00
    Video thumbnail
    नगरनौसाः वीडियो एलबम के गानों की शूटिंग देखने को उमड़ी भीड़
    04:19
    Video thumbnail
    बिहारः देखिए सनसनीखेज वीडियो- 'नाव पर सवार शिक्षा'- कैसे मिसाल बने नाविक शिक्षक
    07:10