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    Friday, March 1, 2024
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      पंचतत्व में विलीन हुये प्रो. पशुपति बाबू, रह गई स्‍मृति शेष

      हिलसा।(संवाददाता)।  शहर के एसयू कॉलेज में कार्यरत डॉ पशुपति सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे, हिलसा में अब उनकी स्‍मृति शेष रह गई। कैंसर रोग से ग्रसित डॉ सिंह का निधन शुक्रवार की अहले सुबह हो गई। पटना शहर के गुलबी घाट में उनका दाह-संस्कार किया गया।

      su collage hilsa 1मूलतः मुंगेर ज़िला निवासी डॉ सिंह वर्ष 1981 में एसयू कॉलेज,हिलसा के रसायन विभाग में बतौर प्राध्यापक योगदान किए। तकरीबन छतीस साल तक कॉलेज में सेवा दिए। निष्ठापूर्वक अपने कर्तव्यों के निर्वाहन को लेकर मगध विश्वविद्यालय द्वारा वित्त से जुड़े महत्वपूर्ण पद बरसर की जिम्मेवारी सौंपी गई थी।

      पिछले दिनों अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टर द्वारा कैंसर रोग की आशंका जताई गई थी। इसके बाद डॉ. सिंह की तबियत सुधारने के बजाय और बिगड़ता ही चला गया। हालांकि इस दौरान कॉलेज संबंधी कुछ कजगतों पर दस्तखत करने के बाद डॉ. सिंह कॉलेज कर्मी के माध्यम से बरसर पद छोड़ने संबंधी पत्र भी प्राचार्य भिजवा दिए।

      डॉ सिंह अपने पीछे भरापूरा परिवार छोड़ गए। बड़े पुत्र आलोक सीआईएसएफ में इंस्पेक्टर, छोटे पुत्र आशुतोष साफ्टवेयर इंजीनियर तथा पुत्री अमृता प्लस टू स्कूल में शिक्षिका हैं। डॉ सिंह को मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र आलोक ने दी।

      इस मौके पर एसयू कॉलेज के प्राचार्य राजेश शुक्ल, जवाहर प्रसाद सिंह, प्रो परमानंद पंडित , एलएस ठाकुर, राजीव कुमार, पूर्णेन्दु शंकर, गोपालजी, समाजसेवी आशुतोष कुमार मानव, हिलसा नगर परिषद के मुख्यपार्षद के प्रतिनिधि डॉ विश्वनाथ, शिक्षक सत्येंद्र कुमार, जेल अधीक्षक अमरजीत सिंह, वार्ड पार्षद विजय कुमार विजेता, पुत्र आशुतोष , भाई मंदयरेश्‍वर सिंह,  मुरारी सिंह, चंद्रकांत, लाल सिंह, घोलटू, मिस्टर, प्रेमजीत, गुड्डू, महत्तम सिंह, मृणाल कुमार, बुल-बुल कुमार, छोटू कुमार, सत्‍येन्‍द्र नारायण सिंह, मिलिंद कुमार, संजीव कुमार, चंदन कुमार एवं आलोक सिंह आदि मौजूद थे।

       

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