झोला छाप डॉक्टर के क्लीनिक पर छापा, भारी पैमाने पर फर्जी दस्तावेज-नकली दवाईयां बरामद

सूत्र बताते हैं कि इस क्लीनिक में अनैतिक रूप से गर्भपात भी कराया जाता है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है। इस झोलाछाप डॉक्टर ने फर्जी तरीके से इलाज के नाम पर अकूत संपत्ति अर्जित की है, और इलाके में रसूख भी रखते हैं…

सरायकेला (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज / चन्द्रमणि)। सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर थाना अंतर्गत सालडीह बस्ती में गैर कानूनी रूप से संचालित हो रहा एक क्लिनिक का खुलासा हुआ है।
बताया जाता है कि पॉल क्लीनिक के नाम से इलाके में पिछले कई सालों से यह फर्जी क्लीनिक संचालित हो रहा था। जहां झोलाछाप डॉक्टर एसआर पॉल हर तरह के मर्ज का इलाज करते थे।
वैसे गुप्त सूचना के आधार पर ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम जैसे ही क्लीनिक में छापेमारी करने पहुंची, झोलाछाप डॉ एस आर पॉल बीमारी का बहाना बनाकर बिस्तर पर चिपक गए।
उधर क्लीनिक में छापेमारी के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। टीम ने डॉ पॉल के आवास से लेकर क्लीनिक और कंपाउंडर सुजीत और विश्वजीत के घर को भी खंगाला। जहां से विभाग को बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेज और नकली दवाइयां मिली है। इसके अलावा कई अहम जानकारियां भी विभाग को हाथ लगा है।
उधर विभागीय दबिश देख बिस्तर पर चिपके झोलाछाप डॉक्टर पॉल ड्रग इंस्पेक्टर कुंज बिहारी चौधरी से उनके कार्यकाल जाकर मिलने और सिविल सर्जन से अपने फोन से बात कराने बिस्तर से उठ खड़े हुए, जिस पर ड्रग इंस्पेक्टर ने डॉक्टर पॉल से जांच में सहयोग करने की बात कहते हुए जमकर फटकार लगायी।
उन्होंने झोलाछाप डॉक्टर से क्लीनिकल स्टेबिलिस्टमेंट के आदेश की कॉपी की मांग की, जिसे झोलाछाप डॉक्टर प्रस्तुत नहीं कर सके।
बताया जाता है कि किसी डॉक्टर हांसदा के नाम से क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट की अनुमति है, लेकिन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
वहीं विभागीय कार्रवाई के बाद इलाके के झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने करीब 2 घंटे तक छापेमारी की और इस दौरान कई अहम दस्तावेज अपने साथ ले गयी, साथ ही दवाइयों के सैंपल भी।

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