आखिर ऐसा क्या हुआ, जिससे आदित्यपुर की थानेदार सुषमा कुमारी के अचानक तबादले की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं। जिले के एसपी से इस बावत पूछने पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क।  सरायकेला-खऱसांवा जिले के आदित्यपुर थाना प्रभारी सुषमा कुमारी का अचानक तबादला चर्चा का विषय बना हुआ है। वैसे चांडिल सर्किल इंस्पेक्टर राजेंद्र महतो को आदित्यपुर थाने की कमान मिली है।

वहीं सुषमा कुमारी का अचानक तबादला हर किसी को हजम नहीं हो रहा है। सुषमा कुमारी का तबादला ऐसे समय में किया गया है, जब कोल्हान की ड्रग्स क्वीन कही जानेवाली डॉली परवीण को उन्होंने आदित्यपुर में रहते सलाखों के पीछे भेजा है।

गौरतलब है  कि डॉली को पिछले कई एसपी और थानेदार पकड़ने में नाकाम रहे थे, लेकिन सुषमा कुमारी ने वो कारनामा कर दिखाया।

हैरान करनेवाली बात है कि रविवार को जिला मुख्यालय में चर्चित बिल्डर गोलीकांड के खुलासे में भी एसपी द्वारा सुषमा कुमारी के कार्यों की सराहना की गयी।

सूत्र बताते हैं कि राजेंद्र महतो बड़े पैरवी पर आदित्यपुर भेजे गए हैं। ईचागढ़ की विधायक सविता महतो के वो करीबी बताए जाते हैं।

हालांकि सूत्र बताते हैं कि सविता महतो के किसी काम की पैरवी को सुषमा कुमारी द्वारा नजरअंदाज किए जाने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है।

वैसे बतौर पुलिस अधिकारी राजेंद्र महतो काफी तेज-तर्रार ऑफिसर के रूप में जाने जाते हैं। जिले का सबसे मालदार थाना अचानक से मिलना अपने आप में अहमियत रखता है।

वैसे अचानक से तबादला पुलिस पदाधिकारियों के लिए कोई नयी बात नहीं है। जमशेदपुर में कदमा थाना प्रभारी राजीव रंजन सिंह और सोनारी थाना प्रभारी रमेश सिन्हा को एक साल के भीतर जिला बदर होना पड़ा था।

सुषमा कुमारी का एक साल पहले ही सरायकेला जिले में पदस्थापन हुआ है। वैसे सुषमा कुमारी ने सीधे आदित्यपुर थाना प्रभारी के रूप में ही पदभार ग्रहण किया था, जिसका उस वक्त काफी चर्चा भी हुआ था।

हालांकि जिले में कई अधिकारी भी ऐसे हैं, जिन्हें आदित्यपुर थाना प्रभारी के रूप में कमान मिल सकती थी। बहरहाल सुषमा कुमारी को पुलिस कंट्रेल रूम का जिम्मा मिला है।

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