IRCTC नौकरी फजीवाड़ा केस में 5 बिहारी समेत 7 लोग यूपी STF  के यूं हत्थे चढ़े

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पटना /लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने आईआरसीटीसी में में नौकरी के नाम पर फर्जी  नियुक्ति पत्र जारी करके बेरोजगा युवाओं से लाखों ठगी करने वाले गिरोह के 07 सदस्यो को गिरफ्तार कर लिया है। इन सबों की गिरफ्तारी एक गुप्त सूचना पर आगरा रेलवे स्टेशन पर की गई।

यूपी एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने मामले और गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य क्षेत्रीय प्रबन्धक, आईआरसीटीसी लखनऊ  के द्वारा एसटीएफ, उ.प्र. के संज्ञान में लाया गया कि संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा आईआरसीटीसी में फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करके कोई गैंग बेरोजगार नौजवानों को ठग रहा है, जिसमें सहयोग प्रदान किये जाने हेतु पुलिस महानिरीक्षक,एसटीएफ द्वारा अभिषेक सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,एसटीएफ, उप्र, लखनऊ को निर्देशित किया गया।

उक्त सम्बन्ध में अभिषेक सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उ.प्र., लखनऊ  द्वारा एसटीएफ फील्ड इकाई, आगरा को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही के लिए निर्देश दिया गया था।

अभिसूचना संकलन के दौरान मुखबिर से सटीक सूचना प्राप्त होने पर एसटीएफ फील्ड इकाई, आगरा की टीम  पुलिस उपाधीक्षक श्याम कान्त तथा प्रभारी निरीक्षक हरीषवर्धन सिंह के संयुक्त नेतृत्व मे आगरा क्षेत्र मे कैण्ट रेलवे स्टेशन आगरा के पास से इस गिरोह के 7 सक्रिय सदस्यों को अपनी व्यवसायिक दक्षता एवं कार्य कौशल के आधार पर दबोच लिया।

दबोचे गये शातिरों में मास्टर बिहार के जहानाबाद जिले के परसबीघा थाना अंतर्गत पंडुई गांव का निवासी सह सगना साकेत बिहारी सहित पांच शातिर बिहार के ही हैं। गिरफ्तार किये गये गैंग के सदस्यों  द्वारा गहन पूछताछ करने पर इनके द्वारा स्वीकार किया गया कि यह लोग आईआरसीटीसी में भर्ती कराये जाने के नाम पर छोटे शहरों के बेरोजगार नौजवानों को अपने जाल में फंसाकर उनसे आईआरसीटीसी में नियुक्ति हेतु फर्जी तरीके से बुकिंग क्र्लक, स्पीकर, एनाउन्समेन्ट तथा कुक पद के लिये तैयार किये गये आवेदन पत्रों को भरवाकर उनसे 6 से 7 लाख की धनराशि ऐंठकर आफरिंग लैटर तथा नियुक्ति पत्र प्रदान करते थे।

अपराध कारित करने के लिये सर्वप्रथम यह गैंग छोटे शहरो में अपने परिचय के किसी व्यक्ति के माध्यम से बेरोजगार लोगों को निशाना बनाते थे। पुलिस इस गिरोह के दो अन्य फरार सदस्यों केडी एवं गुड्डू जो बिहार के ही रहने वाले हैं की भी तलाश कर रही है।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:

1- मनोज कुमार श्रीवास्तव पुत्र मिजाजी लाल निवासी ग्राम पटौर थाना सौरिख जनपद कन्नौज 2- दिनेश चन्द्र पुत्र स्व. रामशरण निवासी मौ. बहनपुरा नई बस्ती थाना छिबरा मऊ ,जनपद कन्नौज 3- कुंजन कुमार पुत्र विनय कुमार निवासी बी/180 पीसी कालौनी, कंकडबाग पटना (बिहार) 4- साकेत बिहारी पुत्र विपिन बिहारी, निवासी ग्राम पंडुई, थाना परसबीघा जहानाबाद (बिहार) 5- प्रिन्स कुमार तिवारी, पुत्र वीर बहादुर तिवारी, निवासी ग्राम विष्णुपुर मटियारवॉ, थाना पहाड़पुर, पूर्वी चम्पारण (बिहार) 6- जितेन्द्र पुत्र सीताराम निवासी ग्राम करमलीचक थाना बाईपास, पटना (बिहार) 7- अजय कुमार शाह पुत्र मेघनाथ शाह निवासी ग्राम चढ़वा, थाना रसूलपुर  छपरा (बिहार)

बरामदगी:

1- फर्जी नियुक्ति पत्र 18 अदद

2- आफरिंग लैटर 17 अदद

3- डिस्पैच लिफाफे 8 अदद

4- रूपया 38,400 नकद

5- रूपया 12,82,000(बारह लाख बयासी हजार मात्र) मूल्य के 6 चैक

6- पैन कार्ड,आधार कार्ड, वोटर आईडी।

7- मोबाइल फोन

8- फर्जी आफरिंग लैटर की प्रतिलिपियॉ।

9- ई-मेल आईडी जिनका उपयोग गैंग द्वारा कूटरचित आफरिंग/पोस्टिंग लेटर मंगाने के  लिये किया जाता था।

10- आईआरटीसी में नियुक्ति हेतु आवेदन पत्र 11 अदद

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