एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क। बिहार में लॉकडाउन बढ़ाए जाने संबंधी वायरल लेटर फर्जी है। इस बात का खुलासा स्वयं बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने किया है।

गृह विभाग ने भी इस वायरल लेटर को फर्जी करार देते हुए कहा कि इसे इग्नोर किया जाना चाहिए। इस लेटर में गृह विभाग का हेडर है और तारीख 29 जुलाई 2020 अंकित है।

दरअसल, बुधवार को दोपहर से ही राज्य में 4 पेज का गृह विभाग के हेडर के साथ एक कंप्यूटराइज्ड लेटर वायरल हो रहा है, जिसमें बिहार में कोरोना संक्रमण की बेहद तेज रफ्तार को देखते हुए लॉक डाउन की अवधि पुनः 1 अगस्त से 16 अगस्त तक के लिए बढ़ाने की बात कही गई है।

अव्वल तो इस वायरल लेटर में लॉकडाउन को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गाइडलाइंस भी दिए गए हैं। इस लेटर के वायरल होते ही राज्य भर में सनसनी फैल गई।

 अब स्वयं गृह विभाग ने ही आगे आकर विभाग से इस तरह के किसी लेटर के जारी होने की बात का खंडन करते हुए वायरल लेटर को फर्जी करार दिया है।

विभाग ने कहा कि यह लेटर बिल्कुल फर्जी है और इसे इग्नोर किया जाना चाहिए। इससे पहले बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने भी इस वायरल लेटर को फर्जी करार देते हुए राज्य सरकार के ऐसे किसी निर्णय की बात का खंडन किया है।

खास बात है कि यह वायरल लेटर बिल्कुल ऑफिसियल लेटर की तरह ही है। लेकिन इस लेटर के अंतिम पृष्ठ पर नीचे कहीं किसी का सिग्नेचर नहीं है, जिससे इसकी ऑथेंटिसिटी को लेकर पहले से भी सवाल उठ रहे थे।

वैसे इसी आशय की एक खबर बुधवार को पटना से प्रकाशित एक प्रमुख हिंदी दैनिक में छपने से इस वायरल लेटर के प्रसार को बल मिला और लोगों में भ्रांति फैली।

 सूत्रों से मिली एक खबर यह भी है कि बिहार में वाकई बेहद तेज रफ्तार में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाए जाने पर अभी मंथन चल रहा है।

इस बारे में कार्मिक विभाग ने गृह विभाग को एक पत्र भी भेजा है, जिसे गृह विभाग ने विचार के लिए कैबिनेट को भेज दिया है।

सूत्रों के अनुसार बहुत संभव है, गुरुवार को इस प्रस्ताव पर कोई निर्णय हो। लेकिन फिलहाल जो तथ्य है, वह यह कि बिहार आगामी 1 से 16 अगस्त तक लॉकडाउन बढ़ाए जाने संबंधी वायरल लेटर बिल्कुल फर्जी है।

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.