सीएम के गांव-जेवार में खुली इस ‘बीयर शॉप’ पर लगा शासन का ग्रहण

बिहारशरीफ (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)। सीएम नीतीश कुमार के गांव जेवार में दो दिन पूर्व पूरे जोश खरोश के साथ सज्जन बीयर शॉप की दुकान खुलने की चर्चा जंगल में आग की तरह फैल गई। इस खबर पर किसी को विश्वास नहीं हुआ कि जिस सीएम ने पूरे प्रदेश में शराबबंदी कर रखी है। उन्हीं के घर आंगन में बियर शॉप कैसे खुल सकती है।

कुछ लोगों ने दुकान उद्घाटन की तस्वीरे भी वायरल करने लगे। बाद में पता चला कि यह बियर नन अल्कोहलिक है। मतलब अल्कोहल की मात्रा सिफर।

हरनौत में बियर दुकान खुलने की सूचना पर पहले ही दिन खरीदारों की भीड़ भी लग गई। हाथों-हाथ स्टॉक खत्म भी हो गया। इस दुकान के खुलने की सूचना जिला प्रशासन के कान तक पहुंची तो उनके कान खड़े हो गये।

मौके पर पुलिस कप्तान नीलेश कुमार, उत्पाद अधीक्षक तथा हरनौत थाने की पुलिस पहुंच गई। उत्पाद विभाग बियर का सैंपल लेकर गई है। तबतक एसपी ने दुकान बंद रखने का निर्देश दिया है।

हालांकि दुकानदार की माने तो यह अल्कोहलिक बीयर नहीं है। फिर भी दुकानदार द्वारा बीयर दुकान की तरह पोस्टर-बैनर लगाकर दुकान का उद्घाटन किया। जिससे क्षेत्र में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई।

सवाल यह है कि जब इसमे अल्कोहल की मात्रा नहीं है तो दुकानदार ने इसका नाम बीयर शॉप क्यों रखा। वे दुकान का नाम नन अल्कोहलिक बीयर भी रख सकता था।

 यही दुकानदार 28 जून को चंडी में भी अपनी दुकान खोलने वाले थे। जिस पर फिलहाल पानी फेर गया। अब उत्पाद विभाग के द्वारा नमूने जांच के बाद ही हकीकत सामने आएगी कि उक्त बीयर सचमुच नन अल्कोहलिक है या नहीं।

लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर पुलिस ने दुकानदार पर एफआईआर क्यों नहीं की। जबकि बजाप्ता बीयर शॉप के नाम से वह दुकान खुली हुई थी। सीएम नीतीश कुमार ने जहां शराबबंदी कर रखी है तो अचानक चुनावी मौसम में जगह-जगह बीयर शॉप के नाम पर इस तरह का लाइसेंस कौन बांट रहा है।

विजय माल्या की सारी संपत्ति जब्त है तो फिर किंगफिशर की ब्रांड का उत्पादन कैसे हो रहा है। लोगों की शंका यह है कि इस तरह के नन अल्कोहलिक बीयर की आड़ में कहीं असली बीयर न बिकने लगे या फिर उसमें नन अल्कोहलिक नशा रसायन न हो।

क्या है नन अल्कोहलिक बीयर:

वैसे देखा जाए तो देश में नन अल्कोहलिक बीयर की बिक्री में पिछले कुछ सालों में काफी तेजी आई है। हरनौत में जिस बीयर की बिक्री की बात आ रही है वह किंग फिशर की है।

जबकि इससे पहले दुनिया की दिग्गज ब्रुअर्स-एनहाइजर-बश इनबेव और हाइनेकेन भारत में अपने फ्लैगशिप ब्रैंड्स के नाम से नॉन-अल्कोहलिक बीयर लॉन्च पिछले साल ही कर चुकी  है।

सुपरमार्केट और रेस्ट्रॉन्ट्स में इसकी बिक्री चल रही है। हाइनेकेन के कंट्रोल में काम करने वाली यूनाइटेड ब्रुअरीज अपने बीयर ब्रैंड का एक जीरो अल्कोहल वर्जन लॉन्च की थी।जिसमें हाइनेकेन 0.0 नाम दिया गया है।

कहा जाता है कि नन अल्कोहलिक बीयर में 0.05% अल्कोहलिक बीयर में वॉल्यूम के हिसाब से जहां 1.2 प्रतिशत से 8 प्रतिशत तक अल्कोहल होती है, वहीं नॉन-अल्कोहलिक बीयर में आमतौर पर 0.05 प्रतिशत या उससे कम अल्कोहल होती है।

जीरो अल्कोहल बीयर कंपनियों के लिए भी फायदे का सौदा है क्योंकि बीयर पर भारत में काफी ज्यादा टैक्स वसूला जाता है।

कई राज्यों में तो यह रिटेल प्राइस के 50 प्रतिशत से ज्यादा है। यूबी ने पिछले साल गुजरात में किंगफिशर रैडलर नाम से अपना पहला नॉन-अल्कोहलिक ब्रैंड लॉन्च किया था।

एबी इनबेव अपना ब्रैंड चीन से आयात करेगी और गुजरात, कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में इसे लॉन्च करेगी

गुजरात के अलावा बिहार, नगालैंड और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में भी शराब पर बैन है। ब्रुअर्स जीरो-अल्कोहलिक बीयर के साथ इन प्रतिबंधित मार्केट में एंट्री की तैयारी कर रही हैं।

इसके अलावा शराब पीने की न्यूनतम उम्र सीमा को लेकर कड़े नियमों के चलते इससे दूर रहे टीनएजर्स को भी कंपनियां नॉन-अल्कोहलिक बीयर से लुभाने की तैयारी कर रही हैं।

बडवाइजर और होईगार्डन बेचने वाली एबी इनबेव ने 2025 तक अपनी ग्लोबल रेवेन्यू का 20 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं प्रॉडक्ट्स से लाने का लक्ष्य रखा है, जो अभी 8 प्रतिशत है।

ग्लोबल मार्केट इनसाइट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल लेवल पर नॉन-अल्कोहलिक बीयर मार्केट के 2024 तक 25 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

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