पइन में डूबने से इस्लामपुर स्नातक कालेज के प्रोफेसर की मौत

“इस पईन में एक भी सरकारी स्तर से पुल नही बनवाया गया है। जिसके कारण यह घटना घटी है। यदि पुल बना होता तो इस प्रकार की घटना नही घटती। जबकि इस पईन का उड़ाही करवाया गया था। जिसकी वजह से पईन काफी गहरा हो गयी है ।” इस्लामपुर (रामकुमार वर्मा)। नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना के रानीपुर गांव निवासी प्रो. सरोज प्रसाद 58 वर्षीय की मौत मंगलवार को पानी से भरा पइन मे डूबने से हो गयी है। मृतक के भाई सुभाष प्रसाद ने बताया कि गांव के चिरैला खंधा मे अपने खेत को टैक्टर से जोतवाने के बाद घर […]

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नालंदा के बाढ़ प्रभावित इलाके का मुआयना करने पहुंचे डीएम और एसपी

हिलसा (चन्द्रकांत)। नालंदा जिले के हिलसा अनुमंडल के करायपरशुराय प्रखंड क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में डीएम और एसपी पहुंच कर हकीकत से रु-ब-रु हुए। लोकायन में आयी ऊफान के बाद हुई तबाही का मंजर देखने डीएम डॉ त्यागरंन एस मनोहरराम एवं एसपी सुधीर कुमार पोरियार दलबल के साथ करायपरशुराय पहुंचे। पहले अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेने के बाद खुद हकीकत देखने गांव की ओर चल दिए। डीएम और एसपी करायपरशुराय प्रखंड के मेढमा, बेरमा और झरहापर गांव पहुंचे। वहां आसपास फैले लोकायन के पानी से हुए नुकसान का जाएजा लिया। इसके बाद प्रभावित ग्रामीणों से बात कर समस्याओं […]

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उफन कर यूं सड़कों पर आई लोकायन नदी, डीजे की धुन पर थिरके शिव भक्त

हिलसा (चन्द्रकांत)। हिलसा से होकर गुजरने वाली फल्गु की शाखा नदी लोकायन एकबार फिर ऊफान पर है। सड़कों पर पानी का बहाव होने से वाहनों की आवाजाही बंद हो गयी। जरुरतमंद लोग पैदल आवाजाही कर रहे हैं। जहानाबाद जिला स्थित उदेरास्थान में फल्गु नदी पर बने बराज से शनिवार को पानी छोड़ा गया। बराज से छोड़े गए पानी से रविवार को लोकायन नदी का जलस्तर काफी बढ गया। दोपहर में रेड़ी पुल के निकट पानी पूरे तेज बहाव के साथ बह रहा था। पुल के पश्चिम से होकर चिकसौरा की ओर जाने वाली सड़क पर पानी का बहाव होने लगा। […]

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सरकारी शब्द ‘अंश’ का दंश झेलने को विवश हैं इस गांव के रैयत

“खेत नहीं बिकने से पेशोपेश में पड़े रैयत, हर रोज लगा रहे हैं ऑफिस का चक्कर, जमीन को शहरी इलाके में सुमार किए जाने से उत्पन्न हुई समस्या “ हिलसा (चन्द्रकांत)। नालंदा जिले के हिलसा प्रखंड के इंदौत गांव के रैयत इन दिनों सरकारी अक्षर में लिखे अंश का दंश झेलने को विवश हैं। खेत नहीं बिकने से पेशोपेश में पड़े रैयत हर-रोज लगा रहे हैं ऑफिस का चक्कर। गांव की जमीन को शहरी इलाके में सुमार किए जाने से उत्पन्न हुई समस्याक का निदान छह माह में भी नहीं हो पाया है। वर्ष 2016 में हिलसा नगर परिषद के इलाके में […]

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उदेरास्थान बराज से लोकायन में आई लहर, किसानों के खिले चेहरे

” पानी के आभाव में मायूस किसान दिखते वाले किसान खेतों के आसपास पानी को देख काफी खुश दिखे। लोकायन में पानी पहुंचने से भले ही कुछेक लोग परेशान दिखे, लेकिन बीरान पड़े एक बड़े भू-भाग में अब धान की फसल हो जाने की उम्मीद बढ़ गयी।” हिलसा (चन्द्रकांत सिंह)। एक लंबे इंतजार के बाद गुरुवार की सुबह जब लोकायन नदी में पानी की लहर देख किसाानों के चहेरे खिल उठे। खेतों में पानी पहुंच जाने की गांरटी देख किसान खेती में जोर-शोर से जुट गए। कल तक जो किसान पानी की आस में घर में हाथ पर हाथ धर कर […]

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बस कुछ ही घंटों में लोकायन नदी में यूं ठंढ पड़ जायेगी गर्म हवाओं के बीच तपती रेत

” किसी ने सच कहा है कि प्रभु की माया, कहीं धूप कहीं छाया। समूचे झारखंड में जहां पिछले 4 दिनों से जारी भारी बारिश से आम जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं बिहार से सटे उसके निचले इलाके भीषण सूखे की स्थिति से गुजर रहा है। ताल-तलैये सब सुखे हैं। धान के बिचड़े झुलस रहे हैं। रोपनी के कार्य ठप हैं। जल स्तर काफी नीचे चले गये हैं।” हिलसा (चन्द्रकांत सिंह)। नालंदा जिले के पश्चिमी हलके की जीवन रेखा माने जानी वाली अब लोकायन नदी में गर्म हवाओं के बीच बालू की रेत उड़ नहीं उड़ेगी। कुछ ही […]

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समाप्त  हो गई गांवो में बैठकर मालगुजारी रसीद काटने की परंपरा

” अब राजस्व कर्मचारी भी अंचलाधिकारी और अंचल निरीक्षक की तरह शहरी क्षेत्र में ही अपना दफ्तर चलाते हैं। शहरी क्षेत्र में  कार्यालय खोल रखें हैं। उस कार्यालय में उनके निजी स्टाफ काम करते हैं। “ नालंदा (राम बिलास)। पहले राजस्व कर्मचारी अपने हल्का के गांवो में  जाकर मालगुजारी वसूली करते थे। गांवो में कई रात गुजारते थे। किसान  उनकी  अच्छी खातीरदारी करते थे।  गांव के रैयतो के घर द्वार तक उन्हें जानकारी  रहती थी। एक दलान पर बैठकर गांव के रैयतों को बुलाते थे। उनका हाल चाल पूछते और मालगुजारी रसीद काट कर देते थे। लेकिन वह परंपरा अब […]

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टूटी सारी मिथ्या, लहर विहीन हुई लोकाईन, सूखे पड़े खेत, किसानों में हाहाकार

” हिलसा तथा आसपास के किसानों की सबसे बड़ा कारण वाटर बीयर की आड़ में नदी मुहाने का मुंह बंद कर देना है। बराज निर्माण के दौरान हिलसा तथा उसके आसपास के इलाके में पानी की धार को पहुंचाने वाले नदी मुहाने के मुंह को बंद कर दिया गया।” हिलसा (चन्द्रकांत)। वर्षों पुरानी मिथ्या इस बार भी टूट गयी। अब तक लोकाईन नदी में पानी की लहर नहीं पहुंची। हिलसा के किसानों में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ। नदियों के सूखी रहने से खेत भी सूखा पड़ा है। आने वाले दिनों में लोगों के हलख भी सूखने के आसार […]

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