कोरोना कालखंड में जब कोरोना मरीजों के लिए अस्पताल कम पड़ गए हैं, तब देश में भाजपा अपना हाईटेक दफ्तर बनाना जरूरी समझ रही है। देश में चारों ओर मंदी की मार है। अर्थव्यवस्था चरमरायी हुई है। लेकिन इसी बीच भाजपा ने करोड़ों खर्च कर झारखंड में 8 भव्य कार्यालयों का निर्माण कार्य करा लिया। इनमें सिमडेगा, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां, चाईबासा, पलामू, रामगढ़, गिरिडीह और धनबाद शामिल हैं...

-: नारायण विश्वकर्मा / एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क:-

अब इस मामले में भाजपा और विरोधी आमने-सामने हैं। एक तरफ जहां भाजपाई कार्यालयों की लागत के बारे में वे कुछ भी बता पाने में खुद को असमर्थ हैं। वहीं कांग्रेस भाजपा द्वारा निर्मित 8 कार्यालयों के लिए करोड़ों की धनराशि कहां से आयी?  इसकी जांच का सवाल उठा रही है।

आज देश के 700 सांगठनिक जिलों में से 400 जिलों में अपना कार्यालय बन चुका है। शेष जिलों में भी आगामी 2 वर्षों में कार्य पूरा हो जाएगा। भाजपा ने राजनीति और कार्यपद्धति को अलग तरीके से आगे बढ़ाया है।

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं झारखंड के प्रभारी सांसद अरुण सिंह ने कहा है कि यह कार्यालय नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं का मंदिर है। वहीं झारखंड भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी फरमाते हैं कि इस तरीके से भाजपा कार्यालय बनना चाहिए कि लोगों को सरकारी कार्यालय नहीं जाना पड़े।

जिला कार्यालय समाहरणालय की तरह होना चाहिए, ताकि जिले की वास्तविक स्थिति का पता यहीं से चल जाये।

यानी भाजपा इतना हाईटेक कार्यालय बनवा रही है कि उसे सरकारी मदद लेने की जरूरत ही न पड़े। फिर सरकारी कार्यालयों का क्या होगा, यह समझ से परे है।

झारखंड में बने भव्य कार्यालयों पर अब विपक्ष हमलावर हो गया है। विपक्ष मानता है कि रघुवर सरकार ने पिछले पांच साल जो लूट मचायी थी, ये उसी का प्रतिफल है। यह धन-बल का अनोखा प्रदर्शन है।

कोरोना कालखंड में भाजपा के निर्मित दफ्तर अब विपक्ष के निशाने पर है। क्योंकि जब देश की अर्थव्यवस्था चरमरायी हुई है। बेरोजगारी चरम है और लाखों लोग कोरोना संक्रमण को दौर से गुजर रहे हैं और भाजपा को कार्यालय खोलने को पड़ी है।

सवाल उठना लाजमि है कि भाजपा आखिर इतना धन लाती कहां से है। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने देश के सभी जिलों में पार्टी का खुद का कार्यालय खड़ा करने की योजना तैयार की है।

झामुमो के केन्द्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि पिछले 5 वर्षों में भाजपा के रघुवर राज में हुई खुली लूट का स्थायी प्रतिबिम्ब आज राज्य में एक साथ भव्य इमारत स्वरूप भाजपा जिला कार्यालय का उद्घाटन किया गया।

कोरोना काल में कार्यालय खोलकर विलासितापूर्ण स्वभाव के धनी भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य की लूटी हुई संपत्ति का भव्य प्रदर्शन किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी के दौरान भी कालेधन से खरीदी गए भूखंडों पर भाजपा द्वारा कार्यालय का निर्माण किया गया है।

कार्यालयों के निर्माण संबंधित जिले के सरकारी ठेकेदारों द्वारा किया गया, जिसका भुगतान रघुवर राज की लूट की राशि से की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आज जब झारखंड संक्रमण काल के दौर से गुजर है और भाजपा का प्रदेश कार्यालय भी अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं के लिए प्रतिबंधित है, वहां जिला कार्यालयों के उद्घाटन का औचित्य समझ से परे है।

वहीं, झारखंड प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रवक्ता राजेश ठाकुर ने कहा कि कोरोना काल में भी रांची से लेकर दिल्ली तक भाजपा जश्न के मूड में है। रघुराज के कार्यकाल में हुई काली कमाई के रूप में भाजपा का भव्य कार्यालय सामने आया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा कहते हैं कि गैर भाजपा शासित राज्यों के मुकाबले भाजपा शासित राज्य कहीं अधिक मजबूत हैं। इनकी मजबूती अब सामने आ रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना अपने चरमकाल पर है। पांच साल में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक भी अस्पताल नहीं बनवाये लेकिन, कोरोना काल में करोड़ों खर्च कर भाजपा ने अपने भव्य दफ्तर जरूर बनवा लिए।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में महज डेढ़ साल से भी कम समय में भाजपा केंद्रीय कार्यालय का भव्य भवन का निर्माण कराया गया है। इस अति आधुनिक भवन में 70 कमरे और 400 गाड़ियों के खड़े होने की जगह है।

यह भवन मॉर्डन वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। भवन हाईटेक सुविधाओं से सुसज्जित है। भवन गर्मियों में ठंडा और जाड़ों में गर्म रहे, इसलिए इसके निर्माण में हॉलो ब्रिक्स का इस्तेमाल किया गया है। दो कांफ्रेंस रुम है, जिसमें एक साथ 600 लोगों के बैठने की सुविधा है। इलेक्ट्रोनिक मीडिया से बातचीत करने के लिए टेलीविजन स्टूडियो भी है।

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