मध्य बिहार ग्रामीण बैंक में बड़ा घोटाला, शाखा प्रबंधक समेत 4 पर एफआईआर

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यह प्राथमिकी 19 जुलाई 2017 को दर्ज करायी गई है, जिसका कांड संख्या 053-17 है, लेकिन प्राथमिकी दर्ज होने के करीब दो महीने बाद भी नामजद किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है

नालंदा (राम विलास)। सृजन घोटाले की जांच अभी पुरी भी नहीं हुई है कि नालंदा में एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। दो करोड़ 12 लाख 78 हजार एक सौ रूपये के इस घोटाले की प्राथमिकी छबिलापुर  थाने में दर्ज करायी गयी है। 

मध्य बिहार ग्रामीण बैंक शाखा अमीरगंज के शाखा प्रबंधक अजय कुमार पंडित ने अपने ही बैंक के एक पूर्व प्रबंधक रबीन्द्र कुमार, बिचैलिया गरीबन प्रसाद यादव, साकिन बहेड़ा, अभिनंदन प्रसाद, साकिन बनौली (छबिलापुर) और डबलू सिंह, प्रोपराईटर जॉन डीयर ट्रैक्टर एजेंसी, बिहारशरीफ के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराया है। आरोपी पूर्व प्रबंधक कटिहार जिले के बरमसारा के निवासी हैं।

प्राथमिकी के अनुसार बैंक के पूर्व मैनेजर रबीन्द्र कुमार के द्वारा बड़े पैमाने पर फर्जीबाड़ा किया गया है। इस फर्जीबाड़े में बैंक के बिचैलियों और एक ट्रैक्टर एजेंसी की मिली भगत है।

शाखा प्रबंधक के अनुसार इस बैंक से फर्जी के.सी.सी. व हस्ताक्षर से करोड़ों रूपये की निकासी कर घोटाला करने का मामला प्रकाष में आया था। इसकी पुष्टि विभागीय जांच के बाद हो गई है। 

उन्होंने बताया है कि 108 ऋण दस्तावेज बैंक से रहस्यमय ढंग से गायव हैं। इन ऋण दस्तावेजों से 13 लाख 966 हजार का ऋण स्वीकृत किया गया है। जिस के.सी.सी. के आधार पर बैंक से ऋण का आबंटन किया गया है, उसकी जांच व सत्यापन राजगीर और बेन के अंचलाधिकारी से कराया गया है।

जांच व सत्यापन के बाद जो रिर्पोट मिला वह काफी चैकाने वाला है। राजगीर के अंचलाधिकारी के पत्रांक-956 दिनांक-15.06.2015 के द्वारा निर्गत सत्यापन प्रतिवेदन के अनुसार 28 के.सी.सी फर्जी है। इसी प्रकार अंचलाधिकारी, बेन के पत्रांक-713, दिनांक- 17.07.2017 द्वारा निर्गत सत्यापन रिर्पोट के अनुसार कुल 51 के.सी.सी फर्जी हैं। प्राथमिकी के अनुसार कुल 116 खातों से यह फर्जीबाड़ा किया गया है। 

शाखा प्रबंधक के द्वारा थाने को दिये गये साक्ष्य के अनुसार बनौली के चंदन कुमार, महेन्द्र यादव, बेदामी देवी, मारो देवी, धानो देवी, उर्विला देवी, बरनौसा पंचायत के सरपंच राजीव रंजन ने बैंक मैनेजर और बिचैलिया अभिनंदन प्रासाद पर फर्जीबाड़ा करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि ऋण बसुली की नोटिश के बाद उन्हें इस घोटाले की जानकारी हुई है। इसी प्रकार देवरिया के बाल किषुन प्रसाद और कुमार निलेष सिंह ने कहा कि उनके नाम पर फर्जी के.सी.सी. बनाकर लोन निकाल लिया गया है। ट्रैक्टर के लिए उनसे सादा कागज पर हस्ताक्षर करवाया गया था। लेकिन अभी तक उन्हें ट्रैक्टर नहीं मिला है।

दाउदपुर के सतीष कुमार, दिनेष कुमार,बारा के पिन्टू कुमार ने भी फर्जीबाड़ा का लिखित आरोप लगाया है।

धरहरा के बलराम यादव ने कहा कि उसके बैंक एकाउंट में 390 रूपये था। उन्हें जानकारी मिली कि उनके एकाउंट में 1.5 लाख का लोन कर फर्जीबाड़ा किया गया है उनके द्वारा बैंक से रूपये नहीं निकाले गये हैं।

इसी गांव के रामनंदन प्रसाद, रमेष प्रसाद, संतोष कुमार और जगदेव प्रसाद ने भी घोटाले का आरोप लगाया है।

बाजितपुर के रेणु देवी और तेतरिया के मिन्ता देवी की शिकायत है कि शौचालय के लिए खोले गये उनके खाते में भी जालसाजी की गयी है। देवरिया के ही उपेन्द्र राम, रामरती देवी, मालती देवी भूमिहीन हैं। खाता खेलने के नाम पर गरीबन यादव ने दस्तखत टिप्पा लिया और जालसाजी कर बैंक से रूपये निकाल लिया है।

तेतरिया के भूषण केवट, नैयर आलम और सफदर इमाम ने कहा है कि उनके नाम पर भी फर्जी के.सी.सी बनाकर एक-एक लाख रूपये का फर्जीबाड़ा किया गया है।

………अधिकारी बोले

इस कांड का कल ही रिब्यू किया जायेगा। नामजद अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी होगी। फरार रहने की स्थिति में जप्ती कुर्की की जायेगी।    ………सुधीर कुमार पोरिका, पुलिस अधीक्षक, नालंदा।

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