आज JJB से रिहा बालक के घर पहुंचे बीडीओ-थानेदार, यूं सौंपे पैसे-अनाज

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। बिहार के नालंदा जिला किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मानवेन्द्र मिश्रा की संज्ञान पर रिहा किशोर का हालचाल लेने आज इस्लामपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रियदर्शी राजेश पायरट और थानाध्यक्ष शरद कुमार रंजन सदलबल खटोलना बिगहा गांव पहुंचे।

इस मौके पर श्री पायरट ने कहा कि माननीय किशोर न्याय परिषद द्वारा जो निर्देश दिए हैं, उसे गंभीरता से पालन किया जाएगा। प्रभाविक परिवार को सरकार की विकास योजनाओं एवं सुविधाओं से जोड़ने में कोई कोतही नहीं बरती जाएगी।

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि उक्त किशोर का घर काफी जीर्ण शीर्ण है। उसके स्थान पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर पक्का मकान बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। अब तक सरकारी आवास अनुदान न मिले का कारण वर्ष-2011 की बीपीएल सूची है,जिसमें परिवार का नाम दर्ज नहीं होना है। विधवा पेंशन सुसमय मिलता रहेगा।

उन्होंने वार्ड सदस्य सुगवा देवी को प्रभावित परिवार के समक्ष उत्पन्न किसी भी समस्या से तत्काल अवगत कराने का निर्देश देते हुए ग्रमीणों से समुचित देखरेख की अपील की।

श्री रंजन ने प्रभावित परिवार को जारी लॉकडाउन में घर से बेवजह बाहर नहीं निकलने और गांव के चौकीदार को सुरक्षागत निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने भी   ग्रामीणो को इस परिवार की देख रेख करने की अपील की।

इसके पहले अधिकारी द्वय ने किशोर की मां को अपनी जेब से एक हजार रुपए नगद राशि समेत राहत सामग्री के रुप में चावल, दाल, आलू, आटा, तेल आदि सौंपे और स्थानी डीलर को नियमित अनाज प्रदान करने के निर्देश दिए। इसी बीच डीलर नाथुन चौधरी ने भी किशोर की मां को बीस किलो अनाज दिया।

इस मौके पर पंचायत राज पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार पाल, मुखिया प्रतिनिधि अजय कुमार के अलावे ग्रामीण लोग मौजूद थे।

इस दौरान हमारे एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क टीम के सदस्य ने पाया कि अंचलाधिकारी की तरह आज प्रखंड विकास पदाधिकारी और थानाध्यक्ष भी किशोर के घर की स्थिति को देख काफी दंग हुए।

आज किशोर के घर में सिर्फ खाना बनाने के लिए एक मिट्टी का चूल्हा मिला। उस चूल्हे पर काफी दिनों बाद खाना बनाए जाने के निशान थे। किशोर की मां ने जो खाना बनाया था, उसे भी दिखाया। उस वक्त चेहरे से साफ लगा कि उस रात में उम्मीद की अच्छी नींद आई है।

बता दें कि उक्त किशोर को इसलामपुर थाना पुलिस ने चोरी के आरोप में किशोर न्याय परिषद की अदालत को सुपुर्द किया था। जहां से उसे दीपनगर पर्यवेक्षण गृह में भेज दिया गया। वहां काउंसलिंग के दौरान उक्त किशोर ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली जानकारी दी।

जिस पर जिला किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मानवेन्द्र मिश्रा ने संज्ञान लेते हुए चोरी के आरोपी किशोर को रिहा करने का आदेश दिया और किशोर समेत उसके परिजन को शासकीय सुरक्षा की बाबत थानाध्यक्ष, अंचलाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी को कई अहम निर्देश दिए थे। 

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