एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क। अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए सरना स्थल से मिट्टी उठाने को लेकर झारखंड के 24 प्रमुख आदिवासी संगठनों ने एक महापंचायत लगा कड़ा विरोध विरोध किया है।

महापंचायत ने बड़ी कार्रवाई का ऐलान करते हुए सरना स्थल की मिट्‌टी उठाने में शामिल रांची की मेयर आशा लकड़ा, प्रदेश भाजपा की महिला अध्यक्ष आरती कुजूर समेत पूर्व विधायक रामकुमार पाहन और गंगोत्री कुजूर का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।

सभी के घर-परिवार में होने वाले शादी-विवाह, जन्म-मरण समेत अन्य सामूहिक कार्यों में समाज का कोई भी व्यक्ति न जाएगा और उन्हें शिरकत करने देगा। समाज से इनका हुक्का-पानी बंद किया जाता है। किसी भी चुनाव में प्रत्याशी के रूप में खड़े होते हैं तो आदिवासी समाज का एक वोट भी नहीं दिया जाएगा।

बीते बुधवार को आदिवासी संगठनों की महापंचायत में उक्त जनप्रतिनिधियों और आरएसएस समेत उसकी अनुषंगी संस्था विश्व हिंदू परिषद के कृत्य को सरना धर्म के खिलाफ बताया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद डॉ. करमा उरांव ने की।

महापंचायत में सरना धर्म गुरु बंधन तिग्गा, प्रेम शाही मुंडा, अंतू तिर्की, वीरेंद्र भगत, शिवा कच्छप ने कहा कि मेयर, दोनों पूर्व विधायक और भाजपा नेत्री आदिवासी होते हुए भी स्वयं को हिंदू बताते हैं या हिंदू धर्म से जुड़ा होने की बात कहते हैं। इसलिए उन्हें सरहुल, कर्मा, सोहराई आदि त्योहारों में आमंत्रित नहीं किया जाएगा।

महापंचायत में पारित प्रस्ताव के मुताबिक विश्व आदिवासी दिवस पर 9 अगस्त को आरएसएस-विहिप का विरोध दिवस मनाएंगे। सरना कोड या आदिवासी धर्मकोड का आंदोलन तेज करेंगे। आदिवासी संस्कृति की रक्षा के लिए फरवरी-2021 में सम्मेलन होगा।

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