अडानी पावर प्लांट में चीन की कंपनी को दिया 9 हजार करोड़ का ठेका

गोड्डा (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज )। एक ओर जहां भारत और चीन के बीच जारी तनातनी और भारतीय जवानो की शहादत के बदले पूरे देश में चीनी सामानो के बहिष्कार की बात हो रही है। वही गोड्डा में अडानी के पावर प्लांट में लगभग 9000 करोड़ का काम चीन की कंपनी को दिया गया है। यहां अडानी पावर लगभग 15 हजार करोड़ रुपए की लागत से 1600 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट लगा रही है।

इसके लिए चीन की कंपनी सेप्को थ्री (एसटीजी) से अनुबंध है। विधायक प्रदीप यादव ने यह अनुबंध रद्द करने की मांग करते हुए 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।

इसमें कहा है कि पावर प्लांट के निर्माण में चीन के करीब 95 इंजीनियर और सैकड़ों कामगार लगे हुए हैं। यदि यह काम किसी भारतीय कंपनी को दी जाती तो यहां तकनीकी रूप से दक्ष बेरोजगारों को रोजगार मिलता।

एक ओर स्थानीय लोग बेरोजगार हैं, वहीं उनकी छाती पर बैठकर चीनी लोग काम कर रहे हैं। एक तरफ चीन सरहद पर हमारे जवानों पर बर्बर कार्रवाई कर रहा है, दूसरी ओर हमारे सीने पर बैठकर आराम से हमारे पैसे लूट-खसोट रहा है। इस पावर प्लांट में सेप्को थ्री अरबों रुपए का ठेका लेकर काम कर रही है।

इधर, पावर प्लांट से जुड़ी गतिविधियों की पड़ताल में बताया गया कि जमीन अधिग्रहण के समय भी रैयतों ने विरोध किया था। सिकटिया बाजार से ट्रकों पर बड़ी मशीनें प्लांट स्थल तक ले जाई जा रही हैं।

पूछने पर ट्रक ड्राइवर रहमान ने बताया कि कोलकाता की कंपनी एनटीटीसी ने टेंडर लिया है। हमलोग ये मशीनें कोलकाता बंदरगाह से लेकर आ रहे हैं। वहीं चीन की मशीनें उतारी जाती हैं।

पड़ताल में पाया गया कि वाहनों पर लदी सभी मशीनों पर मेड इन चाइना टू इंडिया लिखा है। प्लांट के बाहर कुछ दूरी पर इनोवा गाड़ी प्लांट से निकलती है। उस पर कुछ लोग मास्क लगाए दिखते हैं। ये सेप्को थ्री के लोग हैं।

कंपनी से अडानी कंपनी का 9000 करोड़ का एकरारनामा है। सेफ्को थ्री को 2022 तक मुख्य बॉयलर व टर्बाइन लगा देने हैं। प्लांट के अंदर ब्रिज एंड रूफ, सिंप्लेक्स, पहाड़पुर, धनवर्षा, आरसी कंपनियां भी काम करती हैं।

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