हिरासत में युवक की मौत के बाद राजमहल में तनाव, थाना प्रभारी और जांच अधिकारी निलंबित

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“3 दिन पहले एक मुसलिम युवती से दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में पुलिस ने 4 युवकों को हिरासत में लिया था। बाद में इन सभी लोगों को छोड़ दिया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस की सख्ती और मारपीट के कारण मनतुज शेख उर्फ मुंडू की मौत हुई”

साहेबगंज (जितेन्द्र दास)। साहेबगंज जिला के राजमहल अनुमंडल में पुलिस हिरासत में युवक की मौत के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा. करीब 15 हजार लोगों की भीड़ सड़क पर उतर आयी।

फुलवरिया चौक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 80 को जाम कर दिया. लोगों के गुस्से को देखते हुए राजमहल थाना के मुख्य द्वार को बंद कर देना पड़ा.कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए आसपास के थानों से पुलिस बल को बुलाना पड़ा.

जिस अस्पताल में शेख को शव रखा गया है, उसे भी छावनी में तब्दील कर दिया गया है. एसपी ने राजमहल थाना प्रभारी ब्रह्मदेव चौधरी और केस के अनुसंधानकर्ता पवन सिंह को निलंबित कर दिया है.

इंस्पेक्टर सूरज उरांव को राजमहल थाना प्रभारी का चार्ज दिया गया है. उधर, मृतक के परिजन 20 लाख रुपये मुआवजा तथा एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं.गुस्सायी भीड़ ने राजनगर-बरहरवा पथ पर टायर जला कर आवागमन बाधित कर दिया.

पुलिस की बोलेरो कार में जिला सदर अस्पताल परिसर में लावारिस पड़ी है युवक की लाश. वाहन के पास न कोई पुलिसवाला है, न परिजन. स्थिति की समीक्षा करने और हालात को नियंत्रित करने के लिए यहां पुलिस और प्रशानिक अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई.

इसमें जिले के एसपी, राजमहल के एसडीअो, डीएसपी, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट और बीडीअो के अलावा तीन थाना के प्रभारी शामिल थे.राजमहल में युवती से दुष्कर्म के बाद हत्या बताया जाता है कि 3 दिन पहले एक मुसलिम युवती से दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में पुलिस ने 4 युवकों को हिरासत में लिया था.

बाद में इन सभी लोगों को छोड़ दिया गया. मनतुज शेख उर्फ मुंडू को कल पुलिस ने फिर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. लेकिन, रात 8 बजे के बाद उसकी मौत हो गयी.बताया जाता है कि पूछताछ के दौरान पुलिस की सख्ती और मारपीट के कारण मनतुज शेख उर्फ मुंडू की मौत हुई.

युवक की मौत की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और वे सड़क पर उतर गये. मृतक के परिजनों का आरोप है कि हिरासत में पुलिसवालों ने मुंडू को पीट-पीट कर मार डाला. मामले की जांच होनी चाहिए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

पुलिस ने कहा, सीने में दर्द की शिकायत की थी मुंडू साहेबगंज समाहरणालय की गोपनीय शाखा का एक पत्र, जो मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को भेजा गया है, में कहा गया है कि 12 जुलाई, 2017 को भारतीय दंड विधान की धारा 376, 302 और 34 के तहत कांड संख्या 224 दर्ज किया गया था. मनतुज शेख उर्फ मुंडू इस मामले का मुख्य अभियुक्त था. उसे पूछताछ के लिए थाना बुलाया गया था. पूछताछ के क्रम में अचानक उसे पसीना आने लगा.

मुंडू ने सीने में दर्द की भी शिकायत की. इसके बाद उसे तत्काल राजमहल अस्पताल ले जाया गया, जहां डाॅक्टरों ने उसकी जांच की. उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया. पुलिस उसे साहेबगंज अस्पताल ले गयी, जहां डॉक्टरों ने देर रात 2.00 बजे उसे मृत घोषित कर दिया.

तीन डॉक्टरों की टीम करेगी शव का अंत्यपरीक्षणसाहेबगंज के डीसी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने उपाधीक्षक को निर्देश दिया है कि एक बोर्ड का गठन कर लाश का पोस्टमार्टम करवायें. इसके बाद संभवतः बोर्ड का गठन कर दिया गया, जिसमें डॉ आर बजाज, डॉ एके सिंह और डॉ डीएन सिंह को पोस्टमार्टम करने की जिम्मेदारी दी गयी.

पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी भी करायी जायेगी. पोस्टमॉर्टम की निगरानी के लिए कार्यपालक दंडाधिकारी श्री नाग जिला सदर अस्पताल पहुंच गये हैं.

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