सुशासन बाबू तनी देख ली अपन नालंदा में कैसे शौचालय बना रहे हैं अफसर-बिचौलिये

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“जहां एक तरफ शौचालय निर्माण कार्य जोरों पर है। सरकार द्वारा निर्मल बिहार के नाम पर नुक्कड़ नाटक सभा का आयोजन कर गांव गांव में जागरूकता फैलाई जा रही है। लोगों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पंचायतों को ओडीएफ घोषित किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ इस कार्य में जुटे पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बिचौलिये शौचालय के नाम पर आम जनता की गाढ़ी कमाई को लूटने में लगे हैं।”

बिहारशरीफ (राजीव रंजन)। यह माजरा बिहार के सीएम नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा की जनता की है, जिनके पास शौचालय रहने के बावजूद भी शौच के लिए बाहर जाने को मजबूर हैं।

बात उस पर्यटन नगरी प्रखंड राजगीर के जनता की बात उस विधानसभा नालंदा जहां के ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार विधायक है।

यह तस्वीर राजगीर प्रखंड और नालंदा विधानसभा क्षेत्र के भूइ पंचायत के बिशुनपुर गांव की जहां शौचालय तो बना, मगर इस शौचालय का कोई उपयोग ही नहीं। खैर ग्रामीण महिलाओं के लिए जलावन रखने का साधन तो बना।

जी हां विकास पुरुष के गृह जिले में शौचालय तो निर्माण हुआ मगर उस शौचालय में किसी में दरवाजा नहीं, किसी में सोख्ता गड्ढा नहीं, गड्ढा है तो उसका प्लेट नहीं, सीट है तो गड्ढा नहीं, जिसका कोई उपयोग ही नहीं और यदि उपयोग भी हो रहा तो वह केवल कोई सामग्री उपला ,भूषा, कटु, बालू इत्यादि रखने के लिए उपयोग हो रहा है और इसका सही उपयोग शौच जाने के लिए नहीं यह खुलेआम तस्वीर में दिख रहा है।

ग्रामीणों के द्वारा संवाददाता को खबर दिया गया तो संवाददाता संबंधित राजगीर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी आनंद मोहन से दूरभाष पर संपर्क किया तो प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि इन सब बातों को लेकर वह संवाददाता को बाइट देने के लिए अधिकृत नहीं है और इसको लेकर जिला सूचना पदाधिकारी से बात करने की बात कही।

जब संवाददाता ने शौचालय की अनियमितता बताई तो उन्होंने दूरभाष पर बताया कि ठीक है, जांच करके उचित कार्रवाई किया जाएगा तत्पश्चात संपर्क समाप्त हो गया।

आखिर जिलाधिकारी डॉक्टर त्याग राजन एसएम शौचालय निर्माण को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं शौचालय निर्माण से संबंधित पदाधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण और सुदृढ़ शौचालय निर्माण की बात बताते हैं। मगर इनकी बातों को प्रखंड विकास पदाधिकारी हवा में उड़ा कर अपना उल्लू सीधा करने में लग जाते।

ग्रामीणों ने बताया कि शौचालय निर्माण का कार्य अपने खुद नहीं किया बल्कि कोई ठीकेदार के द्वारा शौचालय निर्माण कराया गया और ठीकेदार इनसे मुफ्त में शौचालय निर्माण के दौरान श्रम कराया और एक भी पैसे नहीं दिए। 

ग्रामीण सुखदेव महतो, लक्ष्मण चौहान, कुंती देवी, रामचंद्र चौहान, बबीता देवी, वीरेंद्र यादव, सिद्धेश्वर यादव तथा दर्जनों ग्रामीण ने बताया कि शौचालय का निर्माण ठेकेदारों के द्वारा कराया गया और गुणवत्ता पूर्ण तरीके से कार्य नहीं किया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदारों के द्वारा उन्हें बताया गया कि उनके बैंक खाते पर शौचालय की राशि आएगी, मगर इन लोगों से हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान लेकर पदाधिकारियों और ठेकेदारों ने मिलकर रुपयों का बंदरबांट कर लिया और शौचालय जैसे तैसे बना दिए। जिससे वे सब ग्रामीण शौच के लिए खुले मैदान और सड़कों का इस्तेमाल करते हैं।

प्रखंड विकास पदाधिकारी  राजगीर आनंद मोहन ने दूरभाष पर बताया कि देखकर इस पर कार्रवाई किया जाएगा। आखिर सवाल उठता है कि पूर्व से इन्हें मालूम नहीं था और जब कोई ध्यानाकर्षण करता है तो जांच की बात करते हैं? यह सुशासन बाबू के गृह जिले नालंदा का कैसा विकास जिसे देखकर जनता भी हैरान?

ऐसे विकास को देखकर मुख्य मंत्री और क्षेत्रीय विधायक अपने इन पदाधिकारियों पर किस तरह का कार्यवाही करते हैं सो जनता देखेगी इन के नाम पर शौचालय के राशि की लूट तो कर ली गई और शौच के लिए सड़क और खुले मैदान अपनाते हैं।

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