सीओ के साथ बस मालिक ने की दबंगई, पुलिस ने 4 दिनों तक नहीं किया FIR

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एक्सपर्ट मीडिया न्यूज। नालंदा जिले के कतरीसराय थाना पुलिस को क्या कहा जाये? जब थानाध्यक्ष अपने ही क्षेत्र के अंचलाधिकारी  के साथ हुई गुंडागर्दी  की सुसमय एफआईआर दर्ज न करे और गुंडे वर्ग की हौसलाआफजाई करने में जुट जाये तो आम नागरिक का भगवान ही मालिक है।

खबर है कि सड़क जाम की समस्या से निजात दिलाने की पहल कतरीसराय सीओ को महंगी पड़ी है।  उनके साथ एक दबंग बस मालिक ने अभद्र व्यवहार किया। हाथापाई की। आगे दिखा देने की धमकी दी।

सीओ ने इसकी तत्काल मौखिक सूचना और फिर घटना की लिखित सूचना कतरीसराय थानाध्यक्ष को दी। लेकिन थानाध्यक्ष ने 3 दिनों तक कोई कार्रवाई तो दूर एफआईआर तक दर्ज नहीं की।

हांलाकि नालंदा के एसपी सुधीर कुमार पोरिका ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने एक्सपर्ट मीडिया न्यूज से कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है और वे डीएसपी स्तर से जांच करवा रहे हैं। दोषी लोग किसी हाल में नहीं बचेगें। थाना प्रभारी की भूमिका अगर संदिग्ध पाई गई तो कड़ी कार्रवाई होगी।

कहते हैं कि विगत 15 अक्टूबर को कटौना में संगत मठ में महन्थ की नियुक्ति विवाद को लेकर विधि व्यवस्था नियन्त्रित करने कतरीसराय सीओ अश्विनी कुमार तथा गिरियक सीओ कमला चौधरी दोनों एक ही गाड़ी से कटौना जा रहे थे।

इसी क्रम में कतरी मोड़ पर बालू लदे ट्रकों की लम्बी कतार  देख जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सीओ अश्विनी कुमार अपनी गाड़ी से उतर कर  सड़क पर खड़ी सिटी राईट बस (बीआर 21जी 8653) के गेट पर खड़े व्यक्ति से साईड करने को कहा।  संयोग बस गेट पर बस मालिक श्रवण सिंह उर्फ बैजू खुद ही खड़ा था। जिसने उल्टे  सीओ को ही बड़ी अभद्रता के साथ फटकार दिया। हाथापाई करने लगा।

इसके बाद  सीओ अश्विनी कुमार ने अपना परिचय देते हुए बस हटाने का पुनः दिशा निर्देश  दिया।  किन्तु बार बार कहने के बाद भी बस मालिक द्वारा बस नहीं हटाया तो सीओ ने उसे थाने चलने को कहा।

फिर क्या था। दबंग प्रवृति का बस मालिक भड़क गया और सीओ के साथ गाली-गलौज करते हुये हाथापाई करने लगा तथा देख लेने व दिखा देने की धमकी देने  लगा। मौके की नजाकत को भांप कर सीओ ने इसकी तत्काल मौखिक सूचना कतरीसराय थानाध्यक्ष आलोक कुमार को दी। बाद में उसी दिन सीओ द्वारा लिखित शिकायत भी की।

बकौल सीओ अश्विनी कुमार, कतरीसराय के थानाध्यक्ष ने 18 अक्टूबर तक न एफआईआर दर्ज की और न  कोई कार्रवाई नहीं की। बात करने पर थानाध्यक्ष बस मालिक के थाना आने पर बात करने जैसी टालमटोल करते रहे।

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज के साथ सीओ अश्विनी कुमार ने बड़ी सहमी आवाज में बताया कि वे कोई सुरक्षा बल लेकर नहीं चलते। बस मालिक दबंग प्रवृति का है। उनके साथ कभी भी कोई अनहोनी घटना हो सकती है।

उन्होंने थानाध्यक्ष के रवैये पर हैरानी जताते हुये साफ तौर पर बताया कि आज एक अखबार के संवाददाता ने बताया कि बस मालिक ने उनके खिलाफ कोर्ट में मारपीट कर पैसा छीनने का परिवाद दायर किया है।

जाहिर है कि इसमें थानाध्यक्ष की भूमिका काफी संदिग्ध है। वे बस मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे कोर्ट में मामला ले जाने का जानबूझ कर समय दिया ताकि  दबाव बना कर मामले को मैनेज किया जा सके।

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