सीएम रघुवर दास ने की स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभागीय समीक्षा, दिये कई निर्देश

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रांची।  स्वास्थ्य विभाग को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है। लोगों को चिकित्सा सेवा के लिए भटकना न पड़े,  इसके लिए सरकार ने नयी योजनाएं शुरू की है। विभाग समयबद्ध योजना बनाये और इसे लागू करे। समय-समय पर कार्य प्रगति की समीक्षा भी करें। अस्पताल भवन बनने के दौरान ही जरूरी मानवबल की नियुक्ति भी कर लें ताकि भवन बनने के साथ ही अस्पताल शुरू हो जाये। स्वास्थ्य विभाग के बैकलॉग को भरें। नियुक्ति प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करें। अगले वित्तीय वर्ष के लिए ली गयी योजनाएं एक अप्रैल से शुरू हो जाये, इसके लिए अभी से कागजी कार्रवाई शुरू कर दें।

उक्त बातें सीएम रघुवर दास ने झारखंड मंत्रालय में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा व परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा करने के दैरान कही।

सीएम ने कहा कि राज्य के सदर अस्पतालों में नर्सिंग का पाठ्यक्रम शुरू करें। जुलाई से नया सत्र शुरू कर दें, ताकी आनेवाले वर्षों में नर्सों की कमी को दूर किया जा सके। अस्पतालों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। अधिकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण करें।  स्कूलों में हर साल हेल्थ चेकअप कैंप लगायें। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह तक चलनेवाले अभियान की शुरुआत वे स्वयं किसी गांव के स्कूल से करेंगे। पूरे राज्य में एक साथ 10-15 हजार स्कूलों में इसकी शुरुआत होगी। बच्चों का हेल्थ कार्ड बनाया जायेगा। मंत्री, स्थानीय विधायक, सांसद इसमें शामिल होंगे। निजी चिकित्सकों का भी इसमें सहयोग लिया जायेगा। इसके लिए आइएमए से वार्ता करें।

मेडिकेटेड मच्छरदानी के वितरण में भी स्थानीय जनप्रतिनिधि को शामिल करें। राज्य के तीनों मेडिकल कॉलेज रिम्स, एमजीएमसीएच और पीएमसीएच में मुख्यमंत्री किचन योजना के तहत कैंटिन बनायी जायेगी। जहां मरीजों के परिजनों के साथ आम लोगों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराया जायेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना के साथ मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना एक अप्रैल 2017 से शुरू होगी।

सीएम ने कालाजार से प्रभावित संथाल परगना के चार जिलों को इस साल के अंत तक कालाजार मुक्त करने के लिए जरूरी कदम उठाने के निदेश दिया। सिकिल सेल एनिमिया के उन्मूलन के लिए भी रंगों के अनुसार कार्ड तैयार कर मरीजों को दें। गांव के लोगों को जागरूक करें। ममता वाहन चलाने का कार्य गांव के स्थानीय लोगों को दिया जायेगा। गांवों मे चिकित्सा सेवा के लिए पीपीपी मोड को बढ़ावा देने को कहा।

सीएम ने कहा कि रिम्स राज्य की छवि पेश करती है। पहले से इसकी स्थिति में सुधार आया है, लेकिन और सुधार की जरूरत है। रिम्स में ही कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर की स्थापना होगी।

बैठक में बताया गया कि जेपीएससी के माध्यम से 817 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति होगी। एनएचएम में 101 विशेषज्ञ चिकित्सकों व 200 एमबीबीएस चिकित्सकों की नियुक्ति की कार्रवाई 15 फरवरी तक पूरी कर ली जायेगी। सभी प्रमंडल मुख्यालयों में फार्मेसी संस्थान खोले जायेंगे। 2017-18 के दौरान लातेहार, चतरा,  लोहरदगा,  देवघर,  पाकुड़ व कोडरमा में एएनएम स्कूल खोले जायेंगे। दूर दराज के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य विषय पर तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम इसी सत्र से आरम्भ किया जा रहा है।

इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी,  अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त अमित खरे, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, रिम्स, एमजीएमसीएच और पीएमसीएच निदेशक समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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