साइबर गैंग का बड़ा खुलासा, 13लाख नगद, 13पास बुक, 7एटीएम समेत एक धराया

ये सभी ओएलएक्स, नौकरी का प्रलोभन आदि के माध्यम से लोगो के खाते से रुपये निकाल कर दुसरे के खाते में ट्रांस्फर करते थे फिर उसे एटीएम के माध्यम से निकाल लिया करते थे……”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क। जमशेदपुर साइबर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शहर में चल रहे साइबर क्राइम का भांडा फोड़ कर गैंग के एक अपराधी को दबोचने में सफलता पाई है।

पुलिस ने पकड़े गए आरोपी युवक की निशानदेही पर गैंग के सरगना के घर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस को 13 लाख नगद, 13 चेक बुक, 7 एटीएम कार्ड और विभिन्न बैंको के अकाउंट बरामद हुए है।

पकड़ा गया युवक छोटा गोविंदपुर निवासी राहुल कुमार मिश्रा है। वहीं गिरोह का सरगना महेश पोद्दार फरार हो गया। पुलिस महेश की तलाश कर रही है।

परसुडीह गदड़ा निवासी नितेश कुमार सिंह ने लिखित शिकायत की थी कि उसे नौकरी दिलाने के नाम पर राहुल ने बैंक खाते खुलवाए और उसका गलत इस्तेमाल कर रहा है।

नितेश ने पुलिस को बताया कि वह राहुल के अगस्त 2019 में मिला था। उस वक्त उसने बताया कि महेश पोद्दार कंप्युटर पार्टस का कुछ काम शुरु करना चाहता है। उसके लिए उसे एक युवक की जरुरत है। इसके लिए 15 हजार रुपये महीना वेतवन मिलेगा। वह काम के लिए राजी हो गया।

राहुल ने उसके पैन कार्ड और आधार कार्ड के माध्यम से आईसीआईसीआई बैंक मानगो, फेडरल बैंक ऑफ इंडिया गोलमुरी और आईडीबीआई साकची में तीन खाते खुलवाए और तीन सिम भी निकलवा लिए। इन सभी में राहूल ने अपने रुपये लगाए।

राहुल ने उसे कहा कि एक खाते में सैलरी आएगी, दूसरे में पीएफ का पैसा और तीसरे में कंपनी पेट्रोल के पैसे भेजेगी। सभी खाते महेश ने रख लिए।

राहूल का कहना था की खाते में जमा रुपये निकल न जाए, इसलिए वह पास बुक और एटीएम अपने पास रखेगा। इस बीच 3 जनवरी को आईसीआईसीआई बैंक के दो अधिकारी घर पर आए और बताया कि मेरे खाते से फर्जीवाड़ा किया गया है।

जब उसने बताया कि खाता तो उसके पास है ही नहीं तो अधिकारियों ने पुरी बैंक स्टेटमेंट दिखाया जिसमें रोजाना हजारों रुपये के ट्रांजेक्शन हो रहे थे। इसकी शिकायत साइबर सेल में करने के बाद पूरा खुलासा हुआ।

साइबर थाना प्रभारी उपेंद्र मंडल ने बताया कि गिरोह का सरगना महेश है, वह इस शहर से देश दुनिया में कई लोगों को चुना लगा चुका है। हर रोज ये लोग 50 हजार से ज्यादा की हेरा फेरी कर चुके है।

उन्होंने बताया कि महेश तीन साल से साइबर अपराध की घटना को अंजाम देता आ रहा है। अब तक सभी ने करोड़ो रुपये का हेरफेर किया है। फिलहाल पुलिस इसके अन्य साथियों की तलाश में है।

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