शिवानी को जमीं खा गई या आस्मां, 2 साल बाद भी बताने में नकारा नालंदा पुलिस

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अपहृता का सुराग तो दूर, पुलिस यह बताने की स्थिति में भी नहीं है कि यह केस लव अफेयर, ह्यूमैन ट्रैफिकिंग या हत्या का है? एक तरह से पुलिस इस मामले में हाथ खड़े कर चुकी है…………..….”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क ब्यूरो (एम. एफ. तालीब)। कतरीसराय से अपहृत 14 वर्षीया शिवानी को जमीन खा गई या आसमान निगल गया। दो साल बाद भी यह बताने की स्थिति में नालंदा पुलिस नहीं है।

अपहृत 14 वर्षीया शिवानी………….

कतरीसराय थाना क्षेत्र के कतरीडीह गांव निवासी किशोरी 11 अगस्त 2017 को पड़ोसी महिला के साथ घर से कपड़ा सिलाने बाजार के लिए निकली थी। तब से वह लापता है। पिता ने 12 अगस्त को बेटी के अपहरण की केस दर्ज कराई।

दो सालों की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी प्रिया देवी को गिरफ्तार करने के अलावा कई स्टेट में छापेमारी की। जिसका नतीजा सिफर रहा। महिला और दूसरे राज्य से पकड़े गए लोग जमानत पर रिहा हो गए।

गरीब पिता बेटी की बरामदगी के लिए होईकोर्ट से गुहार लगाएं। जहां कई वरीय अधिकारी उपस्थित हो कोर्ट में केस की प्रगति रिपोर्ट सौंपी। इधर, आरोपी पक्ष से पीड़ित परिवार को केस उठाने की धमकी मिल रही है। बावजूद, इसके परिवार बेटी की बरामदगी के लिए अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।

एक नजर घटना परः कतरीडीह गांव निवासी लक्ष्मी सिंह ने 12 अगस्त 2017 को कतरीसराय थाना में बेटी के अपहरण की केस 254/17 दर्ज कराई। आरोपों में बताया गया कि 11 अगस्त की शाम किशोरी पड़ोसी शशि पांडेय की विवाहिता पुत्री प्रिया देवी के साथ घर से कपड़ा सिलाने बाजार के लिए निकली।

जिसके बाद वह लापता हो गई। रिश्तेदारों और सहेलियों के घर खोजबीन में किशोरी का सुराग नहीं मिला। पड़ोसी महिला अपने साथ अपना मोबाइल भी लेकर गई निकली थीं।

दूसरे राज्यों में छापेमारी से ट्रैफिंकिंग का अंदेशाः केस दर्ज कर पुलिस किशोरी की बरादमगी में जुट गई। आरोपी महिला को पकड़ा भी गया। पूछताछ  और उसके सेल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने हरियाणा, राजस्थान समेत अन्य राज्यों में छापेमारी कर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया। जिसके बाद सभी लोग जमानत पर रिहा हो गए।

शुरूआत में पुलिस को प्रेम प्रसंग का संदेह हुआ था। जिसके बाद आरोपी महिला के एक रिश्तेदार को भी पकड़ा गया। जांच में प्रेम प्रसंग के साक्ष्य नहीं मिले। महिला के सेल लोकेशन के आधार पर दूसरे राज्यों में हुई छापेमारी से परिजन ट्रैफिकिंग का अंदेशा व्यक्त कर रहे हैं।

परिजन को मिल रही केस उठाने की धमकीः प्राथमिकी और अप्राथमिकी अभियुक्तों की जमानत और पुलिस के परोक्ष रूप से हाथ खड़ा कर लेने के बाद पिता ने बेटी की बरामदगी की गुहार होईकोर्ट से लगाई। जिसके बाद वरीय पुलिस पदाधिकारी को कार्ट में उपस्थित होकर केस की प्रगति रिपोर्ट सौंपनी पड़ी।

इधर, पिता की मानें तो आरोपी पक्ष से उन्हें केस उठाने की धमकी मिल रही है। आंखों में आंसू लिए पिता बेटी की बरामदगी के लिए अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।

बरामदगी के लिए करेंगे आमरण अनशनः पिता ने बताया कि नालंदा पुलिस उनकी बेटी की बरामदगी में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। जिले में बहुत सारे काबिल पुलिस पदाधिकारी हैं। जिन्हें इस मामले में लगाया जाए तो उनकी बेटी का सुराग मिल जाए।

वरीय पदधिकारी ऐसा नहीं कर रहे हैं। दूसरे राज्यों में हुई छापेमारी से उन्हें अंदेशा है कि उनकी बेटी ट्रैफिकिंग की शिकार हुई है। बेटी की बरामदगी के लिए वह परिवार समेत आमरण अनशन करेंगे।

4 भाई-बहनों में पढ़ाई में अव्व्ल थी शिवानीः 4 भाई बहनों में शिवानी पढ़ाई में अवल्ल थी। अपहरण के समय वह गांव के स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है। किशोरी भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थी। अपहरण के बाद से हर दिन परिवार छात्रा के घर लौटने की राह तक रहे हैं।

पुलिस कर रही कार्रवाई का दावाः थानाध्यक्ष अमरेश कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान वेह इस केस के अनुसंधानकर्ता हैं। इस मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।

बकौल थानाध्यक्ष, आरोपी महिला और दूसरे राज्यों से कई अप्राथमिकी अभियुक्तों को पकड़ा गया। सभी जमानत पर रिहा हैं। अपहृता का सुराग पता लगाने में पुलिस लगी है। इस मामले में अब तक ट्रैफिकिंग के साक्ष्य नहीं मिले हैं। जांच जारी है।

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